झुंझुनूं में ऊंट तस्करी का भंडाफोड़: पिकअप से 4 ऊंट छुड़ाए, नूंह ले जा रहा था आरोपी

Friday, Feb 27, 2026-08:39 PM (IST)

झुंझुनूं जिले के मंड्रेला थाना इलाके में पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से चार ऊंटों को मुक्त कराया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी इन ऊंटों को राजस्थान के चूरू जिले से खरीदकर हरियाणा के नूंह (मेवात) क्षेत्र के बूचड़खानों में ले जा रहा था। ऊंटों को जिस अमानवीय तरीके से वाहन में ठूंसकर भरा गया था, उसने पशु क्रूरता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक मंड्रेला थाना पुलिस नियमित नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप गाड़ी को रोका गया। जब वाहन की तलाशी ली गई तो उसमें चार ऊंट भरे मिले। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऊंटों के मुंह और पैर बांधकर उन्हें वाहन में ठूंस दिया गया था, जिससे उनकी हालत खराब हो रही थी।

थानाधिकारी कैलाशचंद्र ने बताया कि बरामद किए गए ऊंटों में तीन मादा और एक नर ऊंट शामिल हैं। सभी ऊंटों को बेहद संकरे तरीके से बांधकर रखा गया था। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी अजीम (32) पुत्र सदीक, निवासी दोही, हरियाणा, इन ऊंटों को चूरू जिले के रतनगढ़ इलाके से खरीदकर लाया था। उसका उद्देश्य इन्हें हरियाणा के नूंह स्थित बूचड़खानों तक पहुंचाना था।

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी ऊंटों को वाहन से मुक्त कराया। मौके पर ही पशु चिकित्सकों को बुलाया गया और चारों ऊंटों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि लंबे समय तक बंधे रहने के कारण ऊंटों को शारीरिक तकलीफ हुई थी, हालांकि सभी की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ऊंटों को सुरक्षित देखभाल के लिए मंड्रेला स्थित गोपाल गौशाला को सुपुर्द कर दिया गया है। गौशाला प्रबंधन की निगरानी में फिलहाल उनकी देखरेख की जा रही है। पुलिस ने वाहन को जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ पशु क्रूरता सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस अब इस मामले को केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं मान रही है। प्रारंभिक पूछताछ में तस्करी नेटवर्क की आशंका जताई गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस अवैध परिवहन के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इससे पहले भी इसी तरह ऊंटों या अन्य पशुओं को अवैध रूप से ले जाया गया है।

राजस्थान में ऊंट राज्य पशु घोषित है और इसके संरक्षण को लेकर समय-समय पर सख्त कदम उठाए जाते रहे हैं। ऐसे में ऊंटों की तस्करी या अवैध परिवहन के मामलों को गंभीरता से लिया जाता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में आगे भी सख्त निगरानी रखी जाएगी और पशु तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

यह कार्रवाई एक बार फिर दर्शाती है कि नाकाबंदी और सतर्क पुलिसिंग से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


Content Editor

Payal Choudhary

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