सांचौर में 12वीं (विज्ञान) के 2000 बैच का भव्य रीयूनियन: 25 साल बाद फिर सजी यादों की महफिल!
Sunday, Mar 01, 2026-05:29 PM (IST)
सांचौर में स्थित राजकीय विद्यालय के वर्ष 2000 बैच (विज्ञान वर्ग) के विद्यार्थियों का 25 साल बाद भव्य स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। एक दौर में साथ पढ़ने, सपने देखने और भविष्य गढ़ने वाले छात्र-छात्राएं जब इतने वर्षों बाद एक मंच पर मिले तो माहौल भावनाओं से भर उठा। किसी ने अपने पुराने किस्से साझा किए तो किसी ने अपने संघर्ष और सफलता की कहानी सुनाई। यह कार्यक्रम केवल एक रीयूनियन नहीं, बल्कि यादों, रिश्तों और गुरुजनों के प्रति सम्मान का उत्सव बन गया।
कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षाविद एवं गुरु डॉ. उदाराम वैष्णव के सम्मान से हुई। पूर्व विद्यार्थियों ने उन्हें साफा और शॉल ओढ़ाकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर डॉ. वैष्णव ने कहा कि वर्ष 2000 का विज्ञान वर्ग हमेशा विद्यालय का अग्रणी बैच रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए कहा कि ऐसे स्नेह मिलन कार्यक्रम जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मकता का संचार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे समाज और विद्यालय से जुड़े रहें तथा आने वाली पीढ़ी को मार्गदर्शन दें।
25 वर्षों के इस लंबे अंतराल के बाद जब सहपाठी एक-दूसरे से मिले तो कई चेहरे पहचान में नहीं आ रहे थे, लेकिन जैसे ही नाम पुकारे गए, पुराने दिनों की हंसी-ठिठोली फिर जीवंत हो उठी। विद्यार्थियों ने अपने स्कूल के दिनों को याद करते हुए बताया कि किस तरह सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने मेहनत और अनुशासन के दम पर अपने करियर को ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
इस अवसर पर डॉ. मनोज विश्नोई, एडवोकेट रघुवीर सिंह, पार्षद प्रवीण राणा, प्राचार्य दिनेश विश्नोई, व्यवसायी कांतिलाल माहेश्वरी, कार्यवाहक प्राचार्य चेनाराम विश्नोई, वरिष्ठ अध्यापक भंवरलाल डूडी, व्याख्याता महेश लखारा, सेना में वरिष्ठ लिपिक गणेश देवासी, वरिष्ठ अध्यापक पूनमाराम चौधरी, अध्यापक कंवरलाल मेघवाल, अध्यापक रमेश सुथार तथा हेड कांस्टेबल मोहन सारण सहित कई पूर्व विद्यार्थी मौजूद रहे। सभी ने मंच से अपने अनुभव साझा किए और विद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं, जिनमें पुराने फिल्मी गीतों और समूह गीतों ने माहौल को और भी भावुक बना दिया। कई पूर्व छात्रों ने अपने स्कूली दिनों की तस्वीरें और संस्मरण साझा किए, जिन्हें देखकर सभी भावुक हो उठे। आयोजन स्थल पर विशेष फोटो गैलरी भी लगाई गई थी, जहां 2000 बैच की पुरानी तस्वीरों को प्रदर्शित किया गया।
पूर्व विद्यार्थियों ने यह भी निर्णय लिया कि वे हर वर्ष इस तरह का स्नेह मिलन आयोजित करेंगे और जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए एक सहयोग कोष भी बनाएंगे। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शैक्षणिक सहायता देने की योजना बनाई गई। साथ ही विद्यालय के विकास में योगदान देने का संकल्प भी लिया गया।
रीयूनियन के समापन पर सभी ने एक साथ समूह फोटो खिंचवाया और “फिर मिलेंगे” के वादे के साथ कार्यक्रम का समापन किया। 25 वर्षों बाद हुआ यह मिलन न केवल पुराने रिश्तों को मजबूत करने का अवसर बना, बल्कि इसने यह भी साबित किया कि स्कूल के दिनों की दोस्ती और गुरुजनों का आशीर्वाद जीवनभर साथ रहता है।
सांचौर के इस रीयूनियन कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समय भले ही बदल जाए, लेकिन शिक्षा और दोस्ती की नींव पर बने रिश्ते कभी पुराने नहीं होते। यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बन गया है।
