जालोर में किसान पर अज्ञात जानवर का हमला: लेपर्ड जैसे पगमार्क मिलने से दहशत, वन विभाग अलर्ट
Sunday, Feb 22, 2026-07:28 PM (IST)
जालोर जिले के भाद्राजून थाना क्षेत्र में शनिवार शाम एक अज्ञात जंगली जानवर के हमले से 48 वर्षीय किसान घायल हो गया। घटना नया राम गांव के पास कुंडलाई नाड़ी स्थित खेत की है, जहां रामा निवासी भवरलाल पुत्र चुनाजी मीणा सिंचाई कर रहे थे। हमले के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, क्योंकि पिछले दो दिनों से आसपास के खेतों और आबादी क्षेत्र में लेपर्ड जैसे पगमार्क मिलने की सूचना मिल रही है।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब 6:30 बजे भवरलाल खेत में फसल को पानी दे रहे थे। इसी दौरान पीछे से अचानक एक अज्ञात जानवर ने उन पर हमला कर दिया। घायल किसान के मुताबिक जानवर कुत्ते जैसा दिख रहा था, लेकिन हमला बेहद तेज और आक्रामक था। जानवर ने उनके पेट, हाथ और पैर पर वार किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। शोर सुनकर आसपास कोई मौजूद नहीं था और मौका पाकर जानवर भाग निकला।
घटना के बाद भवरलाल ने किसी तरह अपने परिजनों को सूचना दी। परिवार के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई है। हमले में घायल होने के कारण वे स्पष्ट रूप से जानवर की पहचान नहीं कर पाए।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। क्षेत्रीय वन अधिकारी भागीरथ सिंह, भाद्राजून नाका प्रभारी रूपाराम, वन रक्षक भवरलाल और अचलसिंह सहित अन्य कर्मचारी ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम को खेत के आसपास लेपर्ड जैसे पगमार्क मिले हैं, जिससे आशंका और गहरा गई है कि हमला तेंदुए ने किया हो सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दिनों से नया राम और रामा गांव के आसपास झाड़ियों में एक संदिग्ध जंगली जानवर देखा गया है। कुछ लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने लेपर्ड को खेतों के पास बैठा देखा। इसके बाद वन विभाग ने एहतियातन क्षेत्र में पिंजरा लगाकर ट्रैप की व्यवस्था भी की थी। पिंजरे में एक कुत्ते को रखकर जानवर को पकड़ने की कोशिश की गई, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है।
हमले के बाद वन विभाग की टीम ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। पगमार्क के आधार पर नया राम, भोलड़ा और राम गांव के बीच के इलाके में गश्त की गई। रविवार सुबह भी टीम ने फिर से सर्च अभियान शुरू किया। वन अधिकारी भागीरथ सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा लेपर्ड देखे जाने के दावे किए जा रहे हैं और पगमार्क भी लेपर्ड जैसे प्रतीत हो रहे हैं, लेकिन जब तक टीम स्वयं जानवर को देख नहीं लेती, तब तक पुष्टि नहीं की जा सकती।
वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। शाम के समय खेतों में अकेले न जाने, बच्चों को घर के आसपास रखने और समूह में आवाजाही करने की अपील की गई है। साथ ही मवेशियों को खुले में न बांधने और रात में घरों के आसपास रोशनी रखने की हिदायत दी गई है।
घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है। किसान समुदाय चिंतित है कि यदि क्षेत्र में वास्तव में लेपर्ड का मूवमेंट है, तो यह मानव और मवेशियों दोनों के लिए खतरा बन सकता है। वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि यदि लेपर्ड की पुष्टि होती है तो तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर उसे पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल टीम पगमार्क और स्थानीय इनपुट के आधार पर तलाश में जुटी है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
