जालोर में 21.95 करोड़ की विकास सौगात: सड़कें, जीएसएस और बाढ़ सुरक्षा पर फोकस!
Wednesday, Feb 18, 2026-04:47 PM (IST)
राजस्थान विधानसभा में बजट बहस का जवाब देते हुए डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दीया कुमारी ने जालोर जिले के लिए बड़ी घोषणाएं कीं। सरकार ने जिले में सड़क निर्माण, विद्युत ढांचा सुदृढ़ीकरण और बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए कुल 21 करोड़ 95 लाख रुपए की योजनाओं को स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं से जालोर, रानीवाड़ा और सांचौर क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, जबकि सायला में नया जीएसएस और सांचौर के दाता गांव में तटबंध निर्माण से स्थानीय समस्याओं का समाधान होगा।
सड़क नेटवर्क होगा मजबूत
बजट जवाब में जिले के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सड़क संपर्क बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है।
जालोर:
10.50 करोड़ रुपए की लागत से भाखरा रोड से 68 जिनालय होते हुए मडगांव-मोदरान तक 6.5 किलोमीटर सड़क का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय व्यापार और आवागमन को गति मिलेगी।
रानीवाड़ा:
1.45 करोड़ रुपए से मोखातरा गांव से गुन्दाउ मार्ग, राप्रावि मांजूओं की ढाणी सेडीया तक 3.6 किलोमीटर सड़क बनेगी। यह सड़क ग्रामीण अंचल के लिए राहत साबित होगी।
सांचौर:
9 करोड़ रुपए की लागत से एनएच-68 से गोलासन हनुमान मंदिर तक 10 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण होगा। इससे क्षेत्र में यातायात सुगम होने के साथ धार्मिक और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का दावा है कि इन सड़कों से न केवल ग्रामीण कनेक्टिविटी बेहतर होगी बल्कि कृषि उत्पादों के परिवहन में भी आसानी आएगी।
बिजली ढांचे को मिलेगी मजबूती
सड़क निर्माण के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ करने पर भी ध्यान दिया गया है।
सायला के शिवानंद मठ दादाल क्षेत्र में 33/11 केवी जीएसएस का निर्माण किया जाएगा। इस जीएसएस के बनने से आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति में सुधार होगा, वोल्टेज की समस्या कम होगी और भविष्य की बढ़ती मांग को भी पूरा किया जा सकेगा। ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही बिजली कटौती की शिकायतों को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सांचौर में बाढ़ से राहत की उम्मीद
सांचौर के दाता गांव में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की समस्या सामने आती रही है। इसे ध्यान में रखते हुए 1 करोड़ रुपए की लागत से तटबंध निर्माण की घोषणा की गई है। तटबंध बनने से वर्षा ऋतु में जलभराव और फसलों को होने वाले नुकसान से राहत मिलने की संभावना है। स्थानीय किसानों और निवासियों के लिए यह राहतकारी कदम साबित हो सकता है।
भीनमाल को फिर नहीं मिली नई योजना
जहां एक ओर जिले के कई हिस्सों में विकास योजनाएं स्वीकृत हुईं, वहीं भीनमाल विधानसभा क्षेत्र को इस बार भी कोई नई बड़ी सौगात नहीं मिली। 11 फरवरी को पेश मूल बजट में भी केवल दो सड़कों को छोड़कर कोई उल्लेखनीय घोषणा नहीं थी, और बजट जवाब में भी स्थिति जस की तस बनी रही। इससे क्षेत्रीय असंतोष की चर्चा भी तेज हो सकती है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर 21.95 करोड़ रुपए की इन योजनाओं से जालोर जिले में सड़क, बिजली और बाढ़ सुरक्षा के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। सरकार का फोकस ग्रामीण कनेक्टिविटी और आपदा प्रबंधन पर दिखाई देता है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन कितनी तेजी और पारदर्शिता से होता है।
