राजस्थान विधानसभा सत्र शुरू, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी अधिनियम समेत 3 बिल होंगे पेश, राज्यपाल के अभिभाषण की प्रमुख बातें
Wednesday, Jan 28, 2026-01:05 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान विधानसभा का सत्र राज्यपाल के अभिभाषण के साथ ही शुरू हो चुका है. राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत के कार्बन उत्सर्जन के मुक्त करने का संकल्प किया है. इस दिशा में सरकार ने नवीनीकरण स्रोतों से विद्युत उत्पादन को गति दी है. राजस्थान अक्षय ऊर्जा और सौर ऊर्जा के मामले में देशभर में अग्रणी है. विद्युत प्रसारण केंद्र के लिए पिछले 2 वर्षों में 400 केवी का तंत्र बना है. सरकार ने फरवरी 2025 में 19 हजार 165 मेगावाट की सर्वकालिक उच्चतम विद्युत मांग को पूरा किया गया है. इन दो वर्षों में सरकार द्वारा 2 लाख 50 हजार से अधिक कृषि विद्युत कनेक्शन और लगभग 9 लाख से अधिक घरेलू और औद्योगिक कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं.
उन्होंने बताया कि किसानों के लिए यमुना का जल लाने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का कार्य अंतिम चरण में है. इंदिरा गांधी नगरी तंत्र के सुधार पर 2825 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं. इंदिरा गांधी सिंचाई परियोजना पर वर्तमान वित्तीय वर्षों में 2765 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. इससे प्रदेश में 23,320 हैक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है.
नए 6 मेडिकल कॉलेज और आत्मनिर्भर ऊर्जा का संकल्प
उन्होंने अपने अभिभाषण में शिक्षा और ऊर्जा क्षेत्र को राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया. उन्होंने जानकारी दी कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान प्रदेश में 6 नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं, जिससें एमबीबीएस की सीटों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. साथ ही, नर्सिंग शिक्षा को विस्तार देते हुए 5 नए नर्सिंग कॉलेज भी संचालित किए जा रहे हैं. स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया है. आयुष क्षेत्र का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने बताया कि जोधपुर के डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन आयुर्वेद विश्वविद्यालय में योग, प्राकृतिक चिकित्सा और होम्योपैथी भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है.
वहीं, ऊर्जा क्षेत्र को लेकर सरकार ने बड़ा विजन रखा है. राज्यपाल ने संकल्प दोहराया कि राजस्थान का लक्ष्य न केवल खुद को बिजली में आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में भी अग्रणी भूमिका निभाना है.
उन्होंने राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राजस्थान की बड़ी उपलब्धियों को सदन के सामने रखा. उन्होंने बताया कि 'मां का दूध' उपलब्ध कराने के मामले में राजस्थान देश का अग्रणी राज्य बन गया है, जहां 29 स्थानों पर प्रबंधन निकायों का संचालन किया जा रहा है.
महिला स्वास्थ्य पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को निशुल्क सोनोग्राफी सुविधा देने के लिए मुख्यमंत्री योजना के तहत रिकॉर्ड वाउचर जारी किए गए हैं. साथ ही, चिकित्सा ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए चिकित्सा अधिकारी, नर्सिंग कर्मी और फार्मासिस्ट सहित कुल 21,558 पदों पर नियुक्तियां प्रदान की हैं. इन कदमों से प्रदेश के दूर-दराज के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुलभ होंगी.
विपक्ष ने की अभिभाषण पर टोका-टाकी
राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान आज सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक दिखी. जब राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े सरकार की उपलब्धियों और नई नीतियों का ब्यौरा दे रहे थे, तब विपक्ष के विधायकों ने कुछ मुद्दों पर असहमति जताते हुए बीच में ही टोका-टाकी शुरू कर दी. सदन में शोर-शराबे के बीच विपक्ष ने सरकार की घोषणाओं को लेकर सवाल उठाए, तो वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष के विधायकों ने एकजुटता दिखाते हुए जोर-शोर से मेजें थपथपाईं और तालियां बजाकर राज्यपाल के अभिभाषण का स्वागत किया. इस गहमागहमी ने साफ कर दिया है कि आगामी बजट सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है.
विधानसभा में ऋतु बनावत का 'साड़ी विरोध'
बयाना विधायक ऋतु बनावत आज राजस्थान विधानसभा में विरोध के एक बिल्कुल अनोखे अंदाज में नजर आईं. खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के खिलाफ उन्होंने 'CBI से जांच कराओ' के नारे लिखी हुई विशेष साड़ी पहनकर सदन में प्रवेश किया. उन्होंने कहा कि विधायक निधि मामले में उनकी छवि धूमिल करने की साजिश रची जा रही है, जबकि न कोई पैसा दिया गया और न ही कोई एग्रीमेंट हुआ. बनावत ने सख्त लहजे में कहा, 'यह ब्लैकमेलिंग का खेल है. अगर सरकार की मंशा साफ है, तो मामले की जांच CBI या हाई कोर्ट के सिटिंग जज से कराई जाए.'
फावड़ा-तगारी लेकर पहुंचे विधायक
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन विपक्ष ने 'मनरेगा' का नाम बदलने और 'राइट टू वर्क' के कथित हनन के खिलाफ जमकर बवाल मचा. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक हाथों में फावड़ा, गैंती और तगारी लेकर विधायक आवास से पैदल मार्च करते हुए विधानसभा के मुख्य गेट पर पहुंचे.
जूली ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मजदूर के काम का हक छीना जा रहा है और मनरेगा जैसे ऐतिहासिक कानून को खत्म करने की साजिश रची जा रही है. वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा ने अजित पवार विमान हादसे का जिक्र करते हुए इसे सीडीएस विपिन रावत और पूर्व सीएम विजय रूपाणी के हादसों से जोड़ा. उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि इन सभी विमान हादसों की सत्यता की विस्तृत जांच कराकर रिपोर्ट देश के सामने रखी जानी चाहिए.
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