राजस्थान में ई-चालान के नाम पर साइबर फ्रॉड: फेक लिंक से मोबाइल हैक कर चुरा रहे बैंक डिटेल, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

Saturday, Mar 14, 2026-12:23 PM (IST)

राजस्थान में इन दिनों ई-चालान के नाम पर साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी वाहन चालकों को नकली मैसेज, लिंक और ई-मेल भेजकर मोबाइल हैक करने और बैंक से जुड़ी जानकारी चुराने की कोशिश कर रहे हैं। इसको लेकर राजस्थान पुलिस की साइबर शाखा ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सावधान रहने की अपील की है।

साइबर अपराधी वाहन चालकों को फेक ई-चालान, पेंडिंग चालान, वाहन जानकारी अपडेट या RC/DL वेरिफिकेशन के नाम पर मैसेज भेजते हैं। इन मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड हो सकती है, जिससे फोन हैक होने का खतरा बढ़ जाता है।

उपमहानिरीक्षक पुलिस (साइबर ब्रांच) Vikas Sharma ने बताया कि साइबर अपराधी वाहन चालकों को नकली ई-चालान का मैसेज भेजते हैं।

ऐसे भेजा जा रहा है फेक मैसेज

साइबर अपराधी अक्सर इस तरह का मैसेज भेजते हैं—

“AX-VAAHAN / JK-VAAHAN E-Challan RJ41646241225123020 has been issued against your vehicle number… For more details please visit link…”

मैसेज में दिया गया लिंक देखने में असली सरकारी वेबसाइट जैसा लगता है, लेकिन वास्तव में वह फर्जी वेबसाइट होती है।

इस लिंक पर क्लिक करने के बाद मोबाइल में मैलवेयर या APK फाइल डाउनलोड हो सकती है। इसके जरिए साइबर अपराधी कॉल फॉरवर्डिंग, फिशिंग या अन्य तकनीकों का उपयोग कर—

  • बैंक डिटेल

  • ओटीपी

  • मोबाइल डेटा

जैसी महत्वपूर्ण जानकारी चुरा सकते हैं।

पुलिस ने जारी की सावधानियां

साइबर ब्रांच ने लोगों को इस प्रकार के फ्रॉड से बचने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।

1. केवल सरकारी वेबसाइट से ही चालान चेक करें
ई-चालान की जानकारी के लिए केवल अधिकृत वेबसाइट
👉 https://echallan.parivahan.gov.in
का ही उपयोग करें।

2. Pending Challan वाले मैसेज से सावधान रहें
कई लोगों को मैसेज भेजा जाता है कि उनका चालान पेंडिंग है और तुरंत भुगतान नहीं करने पर लाइसेंस सस्पेंड हो जाएगा। ऐसे मैसेज में दिए गए लिंक फर्जी हो सकते हैं।

3. Vehicle Info Update या RC Verify लिंक न खोलें
ऐसे लिंक खोलने से मोबाइल में मैलवेयर सक्रिय हो सकता है।

4. APK फाइल डाउनलोड न करें
कुछ साइबर अपराधी “Vehicle Info App” या “Challan Check App” डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। ऐसी APK फाइल डाउनलोड करने से मोबाइल हैक हो सकता है।

5. OTP और बैंक डिटेल साझा न करें
ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग कभी भी ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी या बैंक पासवर्ड नहीं मांगते।

6. फेक कॉल से सावधान रहें
कुछ अपराधी ट्रैफिक पुलिस बनकर कॉल करते हैं और तुरंत चालान भरने के लिए कहते हैं। ऐसे कॉल पर भरोसा नहीं करें।

फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत

यदि किसी व्यक्ति के साथ इस तरह का साइबर फ्रॉड होता है तो तुरंत इसकी सूचना संबंधित एजेंसियों को दें।

  • साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930

  • राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल: https://cybercrime.gov.in

  • साइबर हेल्पडेस्क नंबर: 9256001930 / 9257510100

  • या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

पुलिस का कहना है कि सतर्कता और जागरूकता ही साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे बड़ा तरीका है। किसी भी संदिग्ध लिंक या मैसेज पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच अवश्य करें।


Content Editor

Payal Choudhary

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