नाहरगढ़ जैविक उद्यान में ‘ग्रीन टूरिज्म’ की नई पहल, प्लास्टिक बोतलों पर लगेगा ₹1000 जुर्माना
Saturday, Oct 03, 2026-03:36 PM (IST)
जयपुर। पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में नाहरगढ़ जैविक उद्यान में ‘ग्रीन टूरिज्म’ की नई पहल शुरू की गई है। 72वें वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत वन्यजीव विभाग, जयपुर और नीर अमृत फाउंडेशन के सहयोग से पुनः उपयोग योग्य कांच की बोतलों पर आधारित पेयजल रिफिलिंग व्यवस्था शुरू की गई है।
इस पहल की शुरुआत सीसीएफ रामकरण खेरवा, सीसीएफ डॉ. आशीष व्यास, डीसीएफ मनफूल विश्नोई, वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक अरविंद माथुर, एसीएफ जितेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, योगेश, प्रहलाद, रेंजर जोगेंद्र सिंह, रघुवेंद्र सिंह और विजयपाल ने की। इस दौरान अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
प्लास्टिक बोतलों पर प्रतिबंध
सीसीएफ रामकरण खेरवा ने बताया कि नाहरगढ़ जैविक उद्यान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। पर्यटकों द्वारा इस्तेमाल के बाद फेंकी जाने वाली प्लास्टिक की बोतलें वन्यजीवों और पर्यावरण के लिए चुनौती बन रही थीं। इसी को देखते हुए जैविक उद्यान को प्लास्टिक मुक्त रखने की दिशा में यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि नाहरगढ़ जैविक उद्यान में प्लास्टिक की पानी की बोतलों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। क्षेत्र में प्लास्टिक की पानी की बोतल का इस्तेमाल पाए जाने पर ₹1000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
₹50 में मिलेगा पानी, बोतल लौटाने पर ₹40 वापस
नई व्यवस्था के तहत पर्यटकों को नाहरगढ़ जैविक उद्यान की टिकट विंडो के पास 500 एमएल पानी कांच की बोतल में ₹50 में उपलब्ध कराया जाएगा। पानी पीने के बाद खाली बोतल वापस जमा कराने पर पर्यटक को ₹40 वापस मिलेंगे।
यह व्यवस्था फिलहाल प्रायोगिक तौर पर नीर अमृत फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई है। फाउंडेशन इस पहल में नो-प्रॉफिट, नो-लॉस आधार पर तकनीकी और परिचालन सहयोग उपलब्ध करा रहा है।
अन्य पर्यटन स्थलों तक विस्तार की संभावना
इस पहल का उद्देश्य सिंगल यूज प्लास्टिक की खपत को कम करने के साथ पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। ‘एक बोतल का बार-बार उपयोग—प्लास्टिक कचरे में कमी की दिशा में एक छोटा, लेकिन महत्वपूर्ण कदम’ के संदेश के साथ शुरू की गई यह पहल भविष्य में जयपुर के अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों तक भी विस्तार ले सकती है।
