दिल्ली घोषणा 2026 को अपनाने के साथ आईआईसीडीईएम का समापन
Friday, Jan 23, 2026-05:59 PM (IST)
जयपुर। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन सम्मेलन (आईआईसीडीईएम) 2026 का आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में ‘दिल्ली घोषणा 2026’ को अपनाने के साथ समापन हुआ।
आईआईसीडीईएम-2026 के समापन सत्र में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्तगण (ईसी) डॉ. सुखबीर सिंह संधू एवं डॉ. विवेक जोशी, 42 निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबी) के प्रमुख, 70 से अधिक राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ, ईसीआई के वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 36 मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) उपस्थित रहे।
समापन सत्र में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ‘दिल्ली घोषणा 2026’ का पाठ किया, जिसे ईएमबी द्वारा सर्वसम्मति से अपनाया गया। ईएमबी ने घोषणा के पाँच स्तंभों—मतदाता सूचियों की शुद्धता, चुनाव संचालन, अनुसंधान एवं प्रकाशन, प्रौद्योगिकी का उपयोग तथा प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण—पर मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने अपनी प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करने का भी निर्णय लिया तथा 3, 4 और 5 दिसंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) में पुनः बैठक करने का प्रस्ताव रखा। (पूर्ण पाठ संलग्न)
ईएमबी ने विश्व की लोकतंत्र व्यवस्थाओं पर सह-संपादित विश्वकोश प्रकाशित करने, सात विषयों पर व्यापक रिपोर्टें (जिनका नेतृत्व इंटरनेशनल आईडिया द्वारा किया जा रहा है) तथा 36 विषयों पर रिपोर्टें (जिनका नेतृत्व आईआईआईडीईएम द्वारा किया जा रहा है) तैयार करने; ईसीआईनेट के समान डिजिटल प्लेटफॉर्म का सह-विकास; तथा आईआईआईडीईएम के माध्यम से पारदर्शी प्रथाओं के प्रशिक्षण एवं आदान-प्रदान के माध्यम से चुनाव संचालन एवं मतदाता सूचियों की तैयारी में पेशेवर दक्षता विकसित करने का भी संकल्प लिया।
अपने मुख्य भाषण में मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सम्मेलन ने आदर्श अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन मानकों को लेकर व्यापक संवाद को प्रोत्साहित किया है। सम्मेलन के दौरान आयोजित 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे पारस्परिक सहयोग के विस्तार तथा सामूहिक प्राथमिकताओं और दृष्टिकोणों की बेहतर समझ विकसित हुई है।
समापन सत्र में बोलते हुए निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि पारदर्शिता, पारस्परिक सम्मान और एक-दूसरे से सीखने की इच्छा वैश्विक निर्वाचन समुदाय की परिपक्वता और पेशेवर दृष्टिकोण को दर्शाती है।
अपने संबोधन में निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि ईसीआईनेट का शुभारंभ भारतीय तकनीकी प्रगति का प्रतीक है और यह प्रौद्योगिकी को दिए जा रहे महत्व को दर्शाता है, साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि प्रौद्योगिकी विश्वास को सुदृढ़ करे, न कि उसका स्थान ले।
यह तीन दिवसीय सम्मेलन, अपने प्रकार का पहला और सबसे बड़ा सम्मेलन था, जिसकी शुरुआत भव्य स्वागत समारोह एवं उद्घाटन सत्र के साथ हुई। उद्घाटन सत्र में 42 निर्वाचन प्रबंधन निकायों के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों तथा 27 देशों के मिशन प्रमुखों सहित लगभग 1,000 लोग उपस्थित रहे।
ईएमबी नेताओं की पूर्ण बैठक में लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े उच्च स्तरीय विमर्श के लिए प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों तथा राजदूतों/उच्चायुक्तों ने भाग लिया।
आईआईसीडीईएम के दूसरे दिन ईसीआई की एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ईसीआईनेट’ का शुभारंभ किया गया, जो सभी चुनाव-संबंधी जानकारी एवं सेवाओं के लिए एक ही मंच उपलब्ध कराता है।
आईआईसीडीईएम के दौरान राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के नेतृत्व में गठित 36 विषयगत समूहों ने, अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सहयोग से, वैश्विक निर्वाचन विषयों, आदर्श अंतरराष्ट्रीय निर्वाचन मानकों, तथा चुनावी प्रक्रियाओं में सर्वोत्तम प्रथाओं एवं नवाचारों पर गहन विचार-विमर्श किया।
दिल्ली घोषणा 2026 संकल्प
हम सभी निम्नलिखित रूप में दिल्ली घोषणा 2026 के पाँच स्तंभों को अपनाने का संकल्प लेते हैं:
स्तंभ I : मतदाता सूचियों की शुद्धता
-कानून के अनुसार सभी पात्र मतदाताओं के नामों से युक्त शुद्ध मतदाता सूची किसी भी लोकतंत्र की आधारशिला है।
-निर्वाचन प्रबंधन निकायों (ईएमबी) को चाहिए कि वे चुनावों के सुगम एवं पारदर्शी संचालन हेतु सभी मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र उपलब्ध कराने का प्रयास करें।
स्तंभ II : चुनावों का संचालन
-चुनाव सहभागितापूर्ण एवं समावेशी होने चाहिए तथा सभी स्तरों पर सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए।
-चुनावों के संचालन को पारदर्शी, दक्ष, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष बनाने के लिए यह आवश्यक है कि ईएमबी अपने-अपने संविधान अथवा संबंधित कानूनों में निर्धारित दायित्वों के अनुसार कार्य करें।
स्तंभ III : अनुसंधान एवं प्रकाशन
सम्मेलन ने विश्व की लोकतंत्र व्यवस्थाओं का विश्वकोश (Encyclopaedia of Democracies of the World) प्रकाशित करने का संकल्प लिया, जिसमें एक एटलस शामिल होगा—जो विभिन्न देशों में -निर्वाचन प्रणालियों के कार्य करने के तरीकों का एक व्यापक संकलन होगा तथा जिसे संबंधित ईएमबी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।
-इंटरनेशनल आईडिया के नेतृत्व में सात विषयों पर विस्तृत रिपोर्टें तैयार की जाएंगी।
-भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) के नेतृत्व में 36 विषयों पर व्यापक रिपोर्टें तैयार की जाएंगी।
स्तंभ IV : प्रौद्योगिकी का उपयोग
-ईएमबी कानून के अनुसार चुनावों की अखंडता सुनिश्चित करते हुए, मतदाताओं की सुविधा के लिए तथा भ्रामक सूचनाओं का सक्रिय रूप से मुकाबला करने हेतु, नवीनतम प्रौद्योगिकियों को अपनाने का प्रयास करेंगे।
-ईएमबी के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए, भारत अपनी ईसीआईनेट (ECINET) डिजिटल प्लेटफॉर्म के अनुभव को साझा करने के लिए तत्पर है, ताकि संबंधित कानूनों एवं भाषाओं के अनुरूप किसी भी अन्य ईएमबी के लिए समान प्लेटफॉर्म का सह-विकास किया जा सके।
स्तंभ V : प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण
-ईएमबी द्वारा प्रदर्शित रुचि को ध्यान में रखते हुए, भारत चुनावों के सभी क्षेत्रों में अपने व्यापक अनुभव को प्रशिक्षण एवं पारदर्शी प्रथाओं के आदान-प्रदान के माध्यम से साझा करने के लिए इच्छुक है।
-इसके अतिरिक्त, ईएमबी की रुचि को देखते हुए, आईआईआईडीईएम, जो विश्व का सबसे बड़ा चुनाव एवं लोकतंत्र प्रशिक्षण संस्थान है और जिसे पिछले 15 वर्षों में भारत के 10,000 से अधिक चुनाव कर्मियों तथा 100 से अधिक देशों के कार्मिकों को प्रशिक्षित करने का अनुभव है, अपनी क्षमता के अनुसार सभी ईएमबी को प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है, ताकि चुनाव संचालन एवं मतदाता सूचियों की तैयारी में पेशेवर दक्षता सुनिश्चित की जा सके।
निष्कर्ष
हम इन पाँच स्तंभों को सहयोग एवं नवाचार कार्यों के माध्यम से क्रियान्वित करने तथा प्रगति की नियमित समीक्षा करने का संकल्प लेते हैं। इस प्रगति की वार्षिक समीक्षा हेतु प्रतिवर्ष बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की गई है। अगली बैठकें 3, 4 एवं 5 दिसंबर 2026 को आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली, भारत में प्रस्तावित है।
