EWS आरक्षण मंच का अल्टीमेटम: लंबित मांगें नहीं मानी गईं तो विधानसभा सत्र में धरना-अनशन

Friday, Jan 09, 2026-06:54 PM (IST)

जयपुर। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और सामान्य वर्ग के लंबित मुद्दों को लेकर EWS आरक्षण मंच ने सरकार को कड़ा संदेश दिया है। मंच के प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात कर सवर्ण और EWS वर्ग से जुड़ी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि आगामी बजट में उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो विधानसभा सत्र के दौरान धरना और अनशन किया जाएगा।

 

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेश में भाजपा सरकार को बने हुए दो वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, इसके बावजूद EWS वर्ग और सामान्य वर्ग से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे आज भी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि EWS आरक्षण के अंतर्गत राजपूत, ब्राह्मण, वैश्य, माथुर, कायस्थ, जैन, मुस्लिम एवं अन्य अनारक्षित वर्ग आते हैं, लेकिन इनके हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

 

मंच के अध्यक्ष सुनील उदेईया ने कहा कि EWS वर्ग की समस्याओं को लेकर प्रदेश अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, समाज कल्याण मंत्री, विधायक और सांसदों तक कई बार बात पहुंचाई जा चुकी है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे समाज में गहरी नाराजगी व्याप्त है।

 

परशुराम सेना के अध्यक्ष एडवोकेट अनिल चतुर्वेदी और विप्र महासभा अध्यक्ष योगेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि यदि सरकार ने बजट में EWS वर्ग की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों को शामिल नहीं किया, तो आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनहीनता करार दिया।

 

युवा अध्यक्ष दीपेश मिश्रा ने कहा कि EWS वर्ग के युवाओं में निराशा बढ़ रही है। सरकारी भर्तियों और योजनाओं में अपेक्षित लाभ नहीं मिलने से युवा वर्ग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है।

 

प्रतिनिधिमंडल में संयोजक जितेंद्र मिश्रा, उपाध्यक्ष कैलाश जोशी, देवेंद्र शर्मा, संजय त्रिवेदी, संजोग शर्मा, सुरेश बागड़ा, महिला उपाध्यक्ष वीणा शर्मा तथा वैश्य महासभा के प्रदेश महामंत्री राजेंद्र मित्तल सहित दर्जनों पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

मुलाकात के बाद मंच के नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन चेतावनी है, यदि सरकार ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो यह संघर्ष और तेज किया जाएगा।


Content Editor

Anil Jangid

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