मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की संवेदनशील पहल से वंचित वर्गों का हो रहा आर्थिक सशक्तीकरण
Monday, Jan 19, 2026-07:49 PM (IST)
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार वंचित एवं कमजोर वर्गों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में निरंतर प्रभावी कदम उठा रही है। राज्य सरकार अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखते हुए स्वरोजगार, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाओं का व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन कर रही है, ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बन सके।
इसी क्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधीन राजस्थान अनुसूचित जाति, जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम लिमिटेड द्वारा उल्लेखनीय पहल की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में निगम ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, सफाई कर्मचारी और दिव्यांगजन वर्ग के कुल 1,381 लाभार्थियों को लगभग 20 करोड़ रुपये का ऋण रियायती ब्याज दर पर स्वीकृत किया है। इससे लाभार्थियों को स्वरोजगार शुरू करने, व्यवसाय विस्तार और शिक्षा के नए अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
वर्ष 2024-25 में अनुसूचित जाति के 671 लाभार्थियों को 7.52 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति के 325 लाभार्थियों को 3.25 करोड़ रुपये, सफाई कर्मियों के 106 लाभार्थियों को 3.81 करोड़ रुपये तथा 51 दिव्यांगजनों को 58.08 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। यह पहल सरकार की समावेशी विकास नीति को मजबूती प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के संवेदनशील नेतृत्व में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ऑनलाइन ऋण आवेदन प्रक्रिया भी पूर्ण कर ली गई है। निर्धारित लक्ष्य 3,470 के मुकाबले 15,635 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो योजना के प्रति आमजन के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। जनवरी 2026 में जिला स्तरीय चयन समितियों द्वारा साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे और चयनित लाभार्थियों को डीबीटी के माध्यम से ऋण राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की जाएगी।
इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति उप-योजना के अंतर्गत राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के माध्यम से भी ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के तहत पात्र लाभार्थियों को अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर जरूरतमंद को आर्थिक संबल देकर विकसित, समावेशी और सशक्त राजस्थान का निर्माण किया जाए।
