पशुपालकों पर मेहरबान हुई भजनलाल सरकार, फ्री में कराएं गाय-भैंस सहित इन पशुओं का बीमा

Friday, Nov 28, 2025-03:54 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान में भजनलाल सरकार एकबार फिर पशु पालकों पर मेहरबान हुई है जिसके चलते गाय, भैंस, बकरी और ऊंट समेत कई पशुओं का बीमा फ्री में करवा रही है। इसके लिए सरकार ने महत्वाकांक्षी मंगला पशु बीमा योजना 2025-26 चलाई है जो 1 दिसंबर 2025 से पूरे राज्य में लागू हो रही है।

 

राजस्थान सरकार कार की महत्वकांक्षी मंगला पशु योजना के तहत लगभग 21 लाख पशुओं को निःशुल्क बीमा का लाभ दिया जा रहा है जिससें पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ ही पशुधन संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

 

इस योजना तहत पशुपालकों के लिए विशेष रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चलाई जाएगी। इस योजना के तहत 1 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2026 तक प्रत्येक रेवेन्यू गांव में शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें पशुओं का रजिस्ट्रेशन और बीमा किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीमा करवाने के बाद यदि किसी कारण से पशु की मृत्यु होती है, तो पशुपालक को 4 हजार रुपये तक का मुआवजा मिलेगा।

 

इस योजना में भैंस, गाय, भेड़, बकरी और ऊंट जैसी विभिन्न श्रेणियों के पशुओं का बीमा शामिल है। एक जन आधार पर दो भैंस या दो गायों का बीमा कराया जा सकेगा, जबकि एक जन आधार पर एक भैंस और दस भेड़/बकरियों का बीमा भी किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, ऊंटों का भी बीमा करवाना संभव होगा।

 

बताया गया है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पशुपालकों के हित को ध्यान में रखते हुए यह योजना शुरू की गई है। पशु मृत्यु पर पहले कोई आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं थी, जिससे पशुपालक गंभीर वित्तीय संकट का सामना करते थे। अब इस योजना के लागू होने से पशुपालकों को बड़ी राहत मिलेगी और राज्य में पशुधन सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।

 

स्थानीय पशुपालक योजना को लेकर उत्साहित हैं और गांवों में शिविरों के आयोजन की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मंगला पशु बीमा योजना न केवल पशुपालकों के लिए आर्थिक सुरक्षा का साधन होगी, बल्कि यह राजस्थान में पशुधन संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम भी साबित होगी।

 

आपको बता दें कि मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना में प्रदेश के जन-आधार धारक पशुपालक पात्र हैं। पशु बीमा के लिए गोपालक क्रेडिट कार्ड धारक और लखपति दीदी पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाती है। साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए क्रमशः 16 और 12 प्रतिशत का आरक्षण भी है।


Content Editor

Anil Jangid

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