धौलपुर में शिक्षा विभाग की दबंगई, छात्राओं के विरोध पर कर्मचारी की अभद्रता का वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग तेज
Sunday, Jan 18, 2026-03:45 PM (IST)
धौलपुर। राजस्थान के धौलपुर जिले में शिक्षा विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, बाड़ा हैदर शाह में शिक्षा विभाग के कर्मचारी अशोक उपाध्याय पर छात्राओं के साथ बदसलूकी और दबंगई दिखाने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कर्मचारी छात्राओं से अभद्र भाषा में बात करते और उन्हें डराते-धमकाते नजर आ रहे हैं।
मामले की जड़ हाल ही में जारी शिक्षा विभाग की तबादला सूची है। इस सूची में विद्यालय के प्रिंसिपल नरेश कुमार जैन का तबादला कर दिया गया, जिससे स्कूल की छात्राएं नाराज हो गईं। छात्राओं का कहना है कि प्रिंसिपल जैन के नेतृत्व में विद्यालय में शैक्षणिक माहौल सुधरा, पढ़ाई का स्तर बेहतर हुआ और बुनियादी सुविधाओं में भी सुधार देखने को मिला। इसी कारण छात्राओं ने कक्षाओं का बहिष्कार कर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू किया और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया और अशोक उपाध्याय के नेतृत्व में एक विभागीय दल स्कूल पहुंचा। आरोप है कि उपाध्याय ने छात्राओं के हाथ से माइक छीन लिया और खुलेआम उन्हें खरी-खोटी सुनाने लगे। वायरल वीडियो में वे छात्राओं को नियमों का हवाला देकर चुप कराने का प्रयास करते दिख रहे हैं। जब छात्राओं ने तबादले को लेकर सवाल पूछे तो उन्हें धमकाने और डराने की कोशिश की गई। यह पूरी घटना माइक के जरिए हुई, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई है। कांग्रेस पार्टी और यूथ कांग्रेस ने छात्राओं के समर्थन में मोर्चा खोल दिया है। यूथ कांग्रेस के मीडिया सेल के प्रदेश उपाध्यक्ष उज्जवल शर्मा मौके पर पहुंचे और शिक्षा विभाग के कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्राओं की आवाज को दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
छात्राओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रिंसिपल का तबादला रद्द नहीं किया गया और दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। वहीं, शासन और प्रशासन की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर छात्राओं के साथ हुई बदसलूकी पर अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।
