धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में बड़ी खुशखबरी: बाघिन टी-117 के साथ दिखा नन्हा शावक, टाइगरों की संख्या हुई 10
Friday, Jan 16, 2026-03:35 PM (IST)
धौलपुर/करौली। धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से बुधवार का दिन बेहद खास रहा। रिजर्व क्षेत्र में बाघिन टी-117 ने एक नन्हा शावक जन्म दिया, जिसकी तस्वीर कैमरा ट्रैप में कैद हुई। इस खुशखबरी से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ गई।
वन विभाग के अनुसार, इस नए शावक के जन्म के साथ ही रिजर्व में टाइगरों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है, जिनमें तीन शावक शामिल हैं। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस नए बन रहे टाइगर रिजर्व में किसी अन्य क्षेत्र से बाघ लाकर नहीं छोड़े गए हैं।
स्वाभाविक रूप से आए बाघ, जंगल के लिए संकेत
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व से सटे इस इलाके में बाघ स्वाभाविक रूप से नई जगह तलाशते हुए पहुंचे हैं और अब यहां प्रजनन भी शुरू हो गया है। वन विभाग का मानना है कि यह संकेत है कि क्षेत्र का जंगल, पानी और शिकार की उपलब्धता बाघों के लिए अनुकूल होती जा रही है।
डीएफओ (वन्यजीव) डॉ. आशीष व्यास ने बताया कि बाघिन टी-117 की पहचान हो चुकी है और वह पूरी तरह सुरक्षित है। वर्तमान में करौली जिले की सीमा में चार टाइगर सक्रिय हैं, जबकि धौलपुर जिले में शावक समेत छह टाइगर सक्रिय हैं। वन विभाग लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि मां और शावक दोनों सुरक्षित रहें।
वन मंत्री ने साझा की खुशखबरी
वन मंत्री संजय शर्मा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस खुशखबरी को साझा किया। जारी की गई तस्वीर में बाघिन अपने शावक के साथ चलते हुए दिखाई दे रही है।
रणथम्भौर क्षेत्र में हाल की कुछ हिंसक घटनाओं के बाद वन विभाग सतर्क है और टाइगर मूवमेंट पर विशेष नजर रखी जा रही है। धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व में इस नए शावक का जन्म वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है और यह क्षेत्रीय पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण सफलता है।
