गरुड़ कमांडो पंकज सिंह को विशिष्ट सेवा मेडल, पठानकोट आतंकी हमले में दिखाया था शौर्य
Monday, Jan 26, 2026-01:35 PM (IST)
बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के अमरदीप नगर निवासी गरुड़ कमांडो जूनियर वारंट ऑफिसर पंकज सिंह को भारतीय वायुसेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया है। एयरफोर्स डे के अवसर पर 8 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्वारा उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस उपलब्धि से बांसवाड़ा सहित पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है।
गरुड़ कमांडो पंकज सिंह भारतीय वायुसेना की विशेष बल इकाई ‘गरुड़’ का हिस्सा हैं और कई आतंकरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। विशेष रूप से 2 जनवरी 2016 को पंजाब के पठानकोट वायुसेना स्टेशन पर हुए भीषण आतंकी हमले के दौरान उन्होंने अदम्य साहस और बहादुरी का परिचय दिया। उस हमले में थल सेना के साथ-साथ वायुसेना के जांबाज सैनिकों ने भी मोर्चा संभाला था, जिनमें पंकज सिंह भी शामिल थे।
पंकज सिंह ने बताया कि जब हमला हुआ, उस समय वे ड्यूटी पर तैनात थे। पूरा घटनाक्रम उनकी आंखों के सामने घटित हुआ। उन्होंने कहा कि इस दौरान हमने अपने कुछ बहादुर साथियों को खोया, लेकिन आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया गया। उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे कठिन और भावनात्मक क्षण बताया, जिसे वे कभी नहीं भूल सकते।
पंकज सिंह ने वर्ष 2006 में भारतीय वायुसेना जॉइन की थी। अगले ही वर्ष उनका चयन गरुड़ कमांडो के लिए हो गया। तब से अब तक वे जम्मू-कश्मीर में थल सेना के साथ मिलकर कई संयुक्त आतंकरोधी अभियानों में हिस्सा ले चुके हैं। इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट सहित देश के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में भी उनकी तैनाती रही है।
एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे पंकज सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। उनकी माता विमला देवी और पिता सुभाष सिंह ने देशसेवा की उनकी इच्छा का पूरा समर्थन किया और गर्व के साथ उन्हें सेना में भेजा। पंकज बताते हैं कि पिछले वर्ष उनके पिता का निधन हो गया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यदि आज पिता जीवित होते, तो इस सम्मान को देखकर सबसे ज्यादा खुश होते।
विशिष्ट सेवा मेडल मिलने पर पंकज सिंह ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी जांबाज साथियों का है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने युवाओं से देशसेवा को जीवन का लक्ष्य बनाने की अपील भी की।
