फाइव स्टार होटल में कमरे में घुसकर निजी जीवन भंग करने पर 10 लाख का जुर्माना
Thursday, Jan 08, 2026-06:05 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान की एक उपभोक्ता अदालत ने उदयपुर स्थित फाइव स्टार होटल लीला पैलेस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना होटल पर इसलिए लगाया गया क्योंकि होटल प्रबंधन ने मेहमान की निजता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में गंभीर लापरवाही दिखाई। मामला पिछोला झील के किनारे स्थित इस लग्जरी होटल में ठहरे एक कपल से जुड़ा है, जिसे अपने कमरे में बिना अनुमति प्रवेश किए जाने के कारण मानसिक और भावनात्मक नुकसान हुआ।
क्या हुआ कमरे में?
शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान होटल के हाउसकीपिंग स्टाफ ने मास्टर-की का इस्तेमाल करते हुए उनके कमरे में बिना किसी पूर्व अनुमति के प्रवेश कर लिया। इस घटना ने कपल की निजता को गंभीर रूप से भंग किया। शिकायतकर्ता ने इसे होटल की लापरवाही और असंवेदनशीलता बताया और अदालत में मामले की शिकायत की।
सुरक्षा और सीसीटीवी व्यवस्था में खामी
सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि कमरे के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे उस समय चालू नहीं थे, जिससे होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठे। कमरे का किराया करीब 55,000 रुपये था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रीमियम सेवा प्रदान करने वाले होटल से इस तरह की चूक स्वीकार्य नहीं थी।
अदालत ने होटल को ठहराया जिम्मेदार
उपभोक्ता अदालत ने अपने फैसले में कहा कि होटल की आतिथ्य सेवाओं में गंभीर कमी रही है। अदालत ने यह भी कहा कि होटल प्रबंधन द्वारा बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया, जो सेवा में कमी और गोपनीयता के उल्लंघन के दायरे में आता है।
मुआवजा और आदेश
अदालत ने होटल लीला पैलेस को निर्देश दिया: कमरे का किराया 55,000 रुपये ब्याज सहित लौटाना। मानसिक पीड़ा और वाद खर्च के मद्देनजर कुल 10.10 लाख रुपये का मुआवजा भुगतान करना। इस मामले ने साफ कर दिया है कि फाइव स्टार होटल भी अपने मेहमानों की निजता और सुरक्षा के प्रति पूरी जिम्मेदारी के लिए बाध्य हैं। ऐसे मामलों में उपभोक्ता अदालतें स्पष्ट रूप से होटल प्रबंधन को दोषी ठहरा सकती हैं और आर्थिक दंड लगा सकती हैं।
