डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने मिट्टी के मटकों से लिखा सेवा, 10वां वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

Sunday, Jan 25, 2026-02:14 PM (IST)

उदयपुर। शिकारबाड़ी में आयोजित एक प्रेरक एवं जनहितकारी पहल के तहत गुरुवार को मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपना 10वां विश्व कीर्तिमान मिट्टी के मटकों से लिखा सेवा, संस्कृति और पर्यावरण के नये अध्याय के रूप में स्थापित किया है। डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने शिक्षा, चिकित्सा, महिला स्वच्छता प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन के क्षेत्र में नौ गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित करने के बाद अब फिर पर्यावरण संरक्षण, जन-जागरूकता और हुनरमंदों की कला को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1400 से ज़्यादा मिट्टी के मटकों का निर्माण करवाकर उन्हें जरूरतमंदों में वितरित कर 10वां गिनीज वर्ल्ड ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाकर मेवाड़ का गौरव बढ़ाया।

 

इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने दिवंगत पिता महाराणा अरविंद सिंह मेवाड़ को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके कला, संस्कृति व परम्परा के संरक्षण में उनके योगदान को याद किया। डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने प्राचीन काल से चली आ रही मिट्टी के मटकों की परंपरा, उनके वैज्ञानिक महत्व और स्वास्थ्यवर्धक गुणों को बताते हुए कहा कि आधुनिक जीवनशैली की दौड़ में लोग मटकों में उपलब्ध प्राकृतिक रूप से ठंडे एवं शुद्ध जल के महत्व को सदैव याद रखें। उन्होंने रेफ्रिजरेटर के अत्यधिक ठंडे पानी के संभावित दुष्प्रभावों और मटके के पानी के स्वास्थ्य व पर्यावरण अनुकूल लाभों को सरल शब्दों में समझाया। 

 

डॉ. लक्ष्यराज सिंह पिछले 8 साल में समाज सेवा-पर्यावरण संरक्षण-महिला स्वच्छता प्रबंधन, शिक्षा, चिकित्सा जैसे विषयों पर 10 गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित कर चुके हैं। उनका कहना है कि ये विश्व कीर्तिमान देश-दुनिया में समाज सेवा और नागरिक दायित्वों के निर्वहन की ज्योति जलाने की पुनीत सोच के साथ स्थापित किए हैं, जिसका क्रम अनवरत जारी रहेगा। 
 

डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कब, कौन-सा विश्व कीर्तिमान कैसे स्थापित कर सामाजिक चेतना जागृत करने का कार्य किया जानिए:—

रिकॉर्ड-1 : मार्च 2019
जरूरतमंदों को 3 लाख 29 हजार से अधिक वस्त्रों का दान कर पहला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया था। एकत्रित किए तीन लाख कपड़ों को भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, यूएसए, ओमान, श्रीलंका, यूएई सहित अन्य देशों के 80 शहरों से एकत्रित कर जरूतमंदों तक पहुंचाया।

 

रिकॉर्ड-2 : अगस्त 2019
24 घंटे में 20 टन से ज्यादा स्टेशनरी छात्र-छात्रों में वितरित कर दूसरा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया। लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने उदयपुर संभाग में एक महीने तक शिक्षा प्रोत्साहन कैंपेन चलाकर सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को किताब, कॉपी-पेन-पेंसिल, कलर्स बुक, बुक्स आदि शिक्षण सामग्री वितरित की।

 

रिकॉर्ड-3 : जनवरी 2020
महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से 20 सैकंड में 4000 से अधिक पौधे लगाकर तीसरा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड हासिल किया। सिटी पैलेस के माणक चौक में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने अमलतास, गुलमोहर, सहजन व केशिया श्याम वृक्षों के 4035 पौधों को 20 सैकंड में लगाया गया।

 

रिकॉर्ड-4 : जनवरी 2021
मात्र एक घंटे में महिला स्वच्छता प्रबंधन से जुड़े 12 हजार से अधिक स्वच्छता प्रोडक्ट बांटकर चौथा गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। कोरोना महामारी के दौरान स्वच्छता और महिला माहवारी स्वच्छता प्रबंधन की अलख जगाने के लिए साढ़े बारह हजार से ज्यादा सेनेट्री पेड, हैंड सेनेटाइजर, साबुन, टूथब्रश जैसे प्रोडक्ट्स दान किए।  

 

रिकॉर्ड-5 : जनवरी 2022
एक घंटे में सबसे ज्यादा स्वेटर वितरण कर 5वां गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। सर्दी के सीजन में जरूरतमंद 28 सौ लोगों को स्वेटर पहनाकर पुनीत पहल की।

 

रिकॉर्ड-6 : जनवरी 2022
एक घंटे 2800 भोजन के पैकेट वितरण कर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया। उद्देश्य कोई भूखा ना सोए पहल का जन-जन तक संदेश पहुंचाना।

 

रिकॉर्ड-7 : जनवरी 2023
बीज भविष्य का अभियान के तहत 21 हजार 58 विभिन्न तरह के पेड़-पौधों के बीज बोकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया।

 

रिकॉर्ड-8 : जनवरी 2024
जनसमूह को तनाव प्रबंधन का पाठ पढ़ाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड स्थापित किया किया है। बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने विश्व में पहली बार तनाव प्रबंधन से संबंधित यह श्रेणी बनाने की पहल की है।

 

रिकॉर्ड-9 : जनवरी 2025
सोलर लैम्पों के संग्रह से सूर्य की सबसे बड़ी आकृति बनाकर यह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। "सूर्योदय अभियान' का शुभारंभ कर पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घरों को सौर ऊर्जा से रोशन करने की पहल की है।

 

रिकॉर्ड-10 : जनवरी 2026
डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने 1400 से अधिक मिट्टी के मटकों का वितरण कर 10वाँ विश्व कीर्तिमान बनाया। उन्होंने इस कीर्तिमान को अपने दिवंगत पिता महाराणा अरविन्द सिंह मेवाड़ को समर्पित किया।


Content Editor

Anil Jangid

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