टोंक के सआदत अस्पताल में चोरी की वारदातें बढ़ीं: ऑक्सीजन पाइप से कॉपर वायर तक चोरों के निशाने पर
Thursday, Mar 19, 2026-05:54 PM (IST)
जिले का सबसे बड़ा अस्पताल बना चोरों का निशाना
टोंक जिले का सबसे बड़ा सरकारी सआदत अस्पताल इन दिनों चोरों के निशाने पर है। अस्पताल परिसर में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थिति यह है कि चोर खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं, जबकि प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की ओर से ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।
ऑक्सीजन पाइप और कॉपर वायर तक चोरी
सूत्रों के अनुसार पिछले तीन दिनों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। चोरों ने अस्पताल के ऑक्सीजन प्लांट, ऑपरेशन थिएटर की पाइप लाइनों, एसी के आउटर यूनिट और कॉपर वायर तक को निशाना बनाया है।
यहां तक कि कोरोना वार्ड के प्रथम तल पर स्थित नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर की ऑक्सीजन पाइप लाइन भी काटकर ले जाई गई।
CCTV में कैद, फिर भी नहीं पकड़े गए आरोपी
सोमवार रात की एक चोरी की घटना अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद भी हुई है। इसके बावजूद अब तक किसी भी आरोपी को पकड़ने में सफलता नहीं मिली है।
इससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की गंभीर खामियां उजागर हो रही हैं।
विस्तार कार्य के बाद बढ़ीं वारदातें
अस्पतालकर्मियों का कहना है कि जब से सआदत अस्पताल और जनाना अस्पताल के विस्तार का काम शुरू हुआ है, चोरी की घटनाओं में तेजी आई है।
अस्पताल परिसर में लंबे समय से नीलामी न होने के कारण लाखों रुपए का कबाड़ पड़ा हुआ है, जिसे चोर आसानी से उठा ले जा रहे हैं।
5–7 साल में 30–35 लाख का नुकसान
जानकारी के मुताबिक पिछले पांच से सात वर्षों में अस्पताल से करीब 30 से 35 लाख रुपए का सामान चोरी हो चुका है।
चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक किसी भी मामले का खुलासा नहीं हुआ और न ही चोरों का पता चल पाया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों और अस्पताल कर्मचारियों में प्रशासन की उदासीनता को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने और सीसीटीवी निगरानी के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में और बड़ी चोरी की घटनाएं हो सकती हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर असर
सआदत अस्पताल जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में लगातार हो रही चोरियों ने न केवल अस्पताल परिसंपत्तियों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है, बल्कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब प्रशासन पर दबाव है कि वह तुरंत प्रभावी कदम उठाए और चोरों के हौसलों पर लगाम लगाए।
