बांग्लादेश में सनातनी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के विरोध में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का प्रदर्शन, पीएम मोदी के नाम सौंपा ज्ञापन
Friday, Jan 09, 2026-06:48 PM (IST)
टोंक। बांग्लादेश में सनातनी अल्पसंख्यकों पर हो रहे कथित अत्याचारों, हत्याओं और महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ के विरोध में टोंक जिला मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने शुक्रवार को जोरदार आवाज उठाई। मंच के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर टोंक कल्पना अग्रवाल के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपकर बांग्लादेश सरकार पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव बनाने और कड़े कदम उठाने की मांग की।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के जिला संयोजक शकील पहलवान एवं राष्ट्रीय संयोजक राजस्थान प्रभारी अबूबकर नकवी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि बांग्लादेश में जब से मोहम्मद यूनुस सत्ता में मार्गदर्शक की भूमिका में आए हैं, तब से वहां सनातनी अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा, उत्पीड़न और धार्मिक असहिष्णुता के मामलों में तेजी आई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मंदिरों को निशाना बनाया जा रहा है, निर्दोष लोगों की हत्या हो रही है और बहन-बेटियों की इज्जत सुरक्षित नहीं है।
मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि भारत हमेशा से मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता का पक्षधर रहा है। ऐसे में बांग्लादेश में हो रही घटनाएं न केवल मानवता के खिलाफ हैं, बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि भारत सरकार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाए और बांग्लादेश सरकार को अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बाध्य करे।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिस प्रकार भारत की सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था, उसी तरह बांग्लादेश को भी कड़ा संदेश देने की आवश्यकता है, ताकि वहां रहने वाले सनातनी अल्पसंख्यक भयमुक्त जीवन जी सकें।
इस दौरान मंच के कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि “डबल इंजन सरकार इवेंट मैनेजमेंट की सरकार बनकर रह गई है, जबकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता गेट पर भिखारी की तरह खड़े रहने को मजबूर हैं।”
ज्ञापन सौंपने के दौरान अशरफ कलंदर, वसीम सैफी, इम्तियाज, ईदू पंजाबी, महमूद अली, वाहिद भाई, आबिद अली, मोहम्मद इस्लाम, जुबेर पठान, हसीन अहमद, मोहसिन खान, जुनैद खान, रईस नद्दाफी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
