पदमपुर में 9A और 18BB टोल हटाने की मांग तेज, किसानों का रोष मार्च; 17 मार्च को बाजार बंद का ऐलान
Friday, Mar 13, 2026-05:33 PM (IST)
श्रीगंगानगर, 13 मार्च।
चूनावढ़ क्षेत्र में पदमपुर–श्रीगंगानगर स्टेट हाईवे पर स्थित 9A और 18BB टोल नाकों को हटाने की मांग को लेकर किसानों और ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। टोल संघर्ष समिति के आह्वान पर शुक्रवार को क्षेत्र में बड़े स्तर पर *रोष मार्च* निकाला गया, जिसमें सैकड़ों किसान और ग्रामीण शामिल हुए।
रैली की शुरुआत पदमपुर के शहीद भगत सिंह चौक से दोपहर करीब 12 बजे हुई और यह मार्च 9A टोल नाके तक पहुंचा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कारों, मोटरसाइकिलों, जीपों, ट्रैक्टरों और ट्रकों के साथ रैली में भाग लिया और टोल नाकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार और प्रशासन से दोनों टोल नाके तुरंत हटाने की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
टोल संघर्ष समिति ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक 9A और 18BB टोल नाके हटाए नहीं जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। समिति ने 17 मार्च को पदमपुर मंडी और रतेवाला बाजार में *बाजार बंद* का आह्वान किया है। पदमपुर और रतेवाला के व्यापारियों ने इस बंद का समर्थन भी किया है, वहीं चूनावढ़ के मुख्य बाजार को भी बंद रखने की अपील की गई है।
संघर्ष समिति के सदस्य सुखवीर सिंह फौजी ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन
इस आंदोलन को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं का भी समर्थन मिल रहा है। *भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य सुखजिंदर सिंह* ने कहा कि सभी साथी इस टोल रैली में एकजुट हैं और आगे भी आंदोलन को समर्थन देंगे। भाजपा युवा नेता समनदीप सिंह ने भी आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है।
वहीं भाजपा के पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल सिंह टीटी ने इस मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर टोल नाकों को हटाने की मांग की है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट मोड पर रहा। चूनावढ़ थानाधिकारी *आईपीएस प्रो. ज्ञानेन्द्र भारती, ग्रामीण सीईओ भूपेंद्र कुमार सोनी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
पदमपुर के शहीद भगत सिंह चौक से लेकर 9A टोल नाके तक रैली शांतिपूर्ण तरीके से निकाली गई, लेकिन आंदोलनकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक हो सकता है।
