Sikar: सीकर: सुरेरा-दांतारामगढ़ मार्ग पर गड्ढे तब्दील, ग्रामीण बोले- जल्द मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा तय

Thursday, Apr 23, 2026-05:43 PM (IST)

सीकर : राजस्थान के सीकर जिले में सुरेरा से दांतारामगढ़ को जोड़ने वाली डामर सड़क अपनी खस्ताहालत के कारण बड़ी परेशानी और दुर्घटनाओं का कारण बन गई है। लगभग 10 से 12 साल पहले बनी यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो वाहन चालकों के लिए खतरे का कारण बन रहे हैं। यह सड़क अजमेर-सीकर मुख्य मार्ग से जुड़ी है और हर दिन यहां से हजारों वाहन गुजरते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस सड़क की मरम्मत नहीं हुई है, जिससे सड़क के कई हिस्से उखड़ चुके हैं और डामर की स्थिति भी बहुत खराब हो गई है। खासकर बारिश के दिनों में ये गड्ढे पानी से भर जाते हैं, जिससे सड़क और गड्ढों में अंतर करना मुश्किल हो जाता है, और हादसों का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार बाइक सवार इन गड्ढों से बचने के प्रयास में असंतुलित होकर गिर चुके हैं और गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।

सुरेरा में पेट्रोल पंप के पास सड़क की स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे वाहन चालकों को हर दिन परेशानी उठानी पड़ती है। इसके अलावा, अहीर का बास क्षेत्र में भी बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जो खासकर रात के समय दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं।

ग्रामीण दलेन्द्र कुमार का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई, तो कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि अगर दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। महावीर कुमावत ने बताया कि हाल ही में एक मोटरसाइकिल चालक गड्ढों से बचने के प्रयास में संतुलन खो बैठा, जिससे बाइक पर बैठी महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं।

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यह मार्ग धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसी सड़क से होकर खाटूश्यामजी मंदिर, जीणमाता मंदिर, सालासर धाम और साईबाबा मंदिर मुंडवाड़ा के दर्शन के लिए आते हैं। खराब सड़क के कारण श्रद्धालुओं को भी कठिनाई हो रही है, और पैदल यात्रियों के लिए यह मार्ग और अधिक जोखिम भरा हो गया है।

वाहन चालक जोरूराम वर्मा का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि वाहन चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। गड्ढों में फंसने और अचानक झटके लगने से अक्सर वाहन का संतुलन बिगड़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का पुनर्निर्माण शीघ्र किया जाए या कम से कम गड्ढों की तुरंत मरम्मत कराई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह सड़क किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल, यह मार्ग रोजाना लोगों के लिए खतरे का सबब बना हुआ है और जिम्मेदारों की अनदेखी पर सवाल खड़े कर रहा है।


Content Editor

Anil Jangid

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