बजट 2026 में रणथंभौर को रोपवे मिलने की उम्मीद, मंत्री किरोड़ी बोले- मेरी और शहरवासियों की प्रबल इच्छा
Tuesday, Feb 10, 2026-07:04 PM (IST)
सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर वासियों को इस बार के राजस्थान बजट से बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है। गणेश धाम से रणथंभौर दुर्ग स्थित प्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक रोप-वे निर्माण को लेकर लंबे समय से चली आ रही मांग एक बार फिर चर्चा में है। बुधवार को विधानसभा में पेश होने वाले बजट से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को रोप-वे परियोजना की घोषणा की आस है।
रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर तक रोप-वे बनाए जाने को लेकर कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट रूप से अपनी मंशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि रोप-वे का निर्माण वन विभाग से एनओसी मिलने के बाद ही संभव है। जब तक वाइल्डलाइफ बोर्ड से अनुमति नहीं मिलती, तब तक यह परियोजना अटकी रहेगी। उन्होंने कहा, “प्रयास रहेगा कि सभी जरूरी स्वीकृतियां मिल सकें। यह मेरी और सवाई माधोपुर वासियों की प्रबल इच्छा है कि रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर पर रोप-वे बने।”
गौरतलब है कि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में भी दो बार बजट में रणथंभौर रोप-वे का उल्लेख किया गया था। एक बार डीपीआर बनाने और दूसरी बार निर्माण की घोषणा की गई थी, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। विशेष रूप से वन क्षेत्र और वाइल्डलाइफ से जुड़ी अनुमति सबसे बड़ी बाधा बनी रही।
साल 2025 में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी अपने सवाई माधोपुर दौरे के दौरान रणथंभौर में रोप-वे बनवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद से स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अब राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां हर साल करीब 20 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। गणेश चतुर्थी, अमावस्या और वीकेंड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है, जिससे दुर्ग मार्ग पर ट्रैफिक का जबरदस्त दबाव रहता है। रोप-वे बनने से न केवल श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी, बल्कि दुर्ग क्षेत्र में यातायात जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
अब सवाई माधोपुर वासियों की निगाहें वित्त मंत्री दीया कुमारी पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि इस बजट में रणथंभौर रोप-वे की घोषणा कर वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया जाएगा, जिससे पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को भी नया आयाम मिलेगा।
