राजसमंद में ‘राजसखी मेला’ का शुभारंभ, हर्बल गुलाल रहा मुख्य आकर्षण
Monday, Feb 23, 2026-02:32 PM (IST)
राजसमंद: राजसमंद जिले में सात दिवसीय ‘राजसखी मेला’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस मेले का आयोजन राजीविका समूह और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। उद्घाटन समारोह में पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता, सीओ जिला परिषद बृजमोहन बैरवा, डीपीएम राजीविका डॉ. सुमन अजमेर और भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल सहित कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अतिथियों ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया।
मेला मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल और प्राकृतिक उत्पादों के प्रदर्शन का केंद्र है। इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र हर्बल गुलाल रहा। यह गुलाल राजसमंद और कुंभलगढ़ की स्थानीय वनस्पतियों से तैयार किया गया है और पूरी तरह ऑर्गेनिक है, जिसमें किसी प्रकार के रसायन का उपयोग नहीं हुआ है। कुंभलगढ़ की राजीविका महिला समूह की सदस्य बाला देवी ने बताया कि पिछले चार वर्षों से वे हर्बल गुलाल का निर्माण कर रही हैं। इस वर्ष उन्हें 500 पेटी गुलाल के ऑर्डर मिले हैं, जिससे लगभग 35 महिलाओं को रोजगार मिला और उनकी आय में 10 से 15 हजार रुपए की वृद्धि हुई।
मेला में खरीदारी करने आई भाग्यश्री ने कहा कि उन्होंने पलाश के फूलों से बनी गुलाल और कुंभलगढ़ में सीताफल के पत्तों से तैयार हरे रंग की गुलाल खरीदी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मेले में आकर इन जैविक उत्पादों को खरीदें और महिलाओं की आत्मनिर्भरता में योगदान दें।
राजीविका समूह के प्रबंधक मुकेश कुमार नुवाल ने बताया कि यह मेला 22 से 28 फरवरी तक आयोजित किया जा रहा है। मेले की पंचलाइन ‘होली के रंग, राजीविका के संग’ रखी गई है। पिछले सीजन में 36 लाख रुपए की हर्बल गुलाल और 36 लाख रुपए की ठंडई, कुल 72 लाख रुपए के उत्पादों के ऑर्डर प्राप्त हुए थे। इस वर्ष अब तक 7.50 लाख रुपए के ऑर्डर मिल चुके हैं। मेले में पांच रंगों में गुलाल उपलब्ध है, जिसमें कुंभलगढ़ के सीताफल से हरा, राजसमंद के गेंदे के फूल से पीला और अन्य स्थानीय फूलों से तैयार रंग शामिल हैं।
यह मेला न केवल महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि होली के त्योहार के अवसर पर स्थानीय और जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच भी है।
