अब धौलपुर में टूटा प्रसूता पर कहर, अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी के बावजूद महिला की मौ''त

Wednesday, Jul 22, 2026-02:28 PM (IST)

धौलपुर: राजस्थान के धौलपुर जिला अस्पताल में नॉर्मल डिलीवरी के बाद एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला का शव कलेक्ट्रेट पहुंचाकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से समझाइश कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

 

जानकारी के अनुसार, धौलपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित बड़ी कस्बे के गढ़रपुरा निवासी सपना पत्नी अक्षय को सोमवार सुबह प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई और उसने एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के कुछ समय बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण मंगलवार को उसकी मौत हो गई।

 

महिला की मौत से आक्रोशित परिजन शव को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि यदि अस्पताल प्रशासन समय पर उचित इलाज करता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी चिकित्सकों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी रामकिशन यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. धर्म सिंह मीणा, जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. समरवीर सिंह सिकरवार तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी कलेक्ट्रेट पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें उचित जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया।

 

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि महिला की मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और चिकित्सकीय जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

इस बीच राहत की बात यह है कि मृतका की नवजात बच्ची सुरक्षित है। उसे जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल कक्ष (SNCU) में भर्ती कर चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है, जहां डॉक्टर उसकी लगातार देखभाल कर रहे हैं।

 

फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर परिजन डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मौत के कारणों का निष्कर्ष जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा। ऐसे में अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है कि आखिर प्रसूता की मौत किन परिस्थितियों में हुई और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।


Content Editor

Anil Jangid

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