टोंक में 17 वर्षीय किशोर का अपहरण: 3 दिन बाद सकुशल बरामद, फिरौती मांगने वाले आरोपी फरार
Monday, Jul 06, 2026-06:42 PM (IST)
टोंक: राजस्थान के टोंक जिले के सोप थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोर के अपहरण के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपहृत बालक को तीन दिन बाद सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। इस मामले में फिरौती मांगने वाले आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
जानकारी के अनुसार बांसला गांव निवासी 17 वर्षीय पुष्पेन्द्र मीणा 3 जुलाई की शाम करीब 6 बजे घर से लगभग 100 मीटर की दूरी से अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसी दौरान परिवार के बड़े बेटे प्रीतम के मोबाइल पर एक कॉल आया, जिसमें कॉल करने वाले ने पुष्पेन्द्र की रिहाई के बदले एक लाख रुपये की फिरौती की मांग की। आरोपी ने पैसे नहीं देने पर किशोर की हत्या करने की धमकी भी दी। इस बातचीत का ऑडियो भी सामने आया, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने सोप थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया। थानाधिकारी कालूराम के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से जांच शुरू की। पुलिस ने देवली, हिंडोली, बीसलपुर बांध, मालपुरा और केकड़ी सहित कई क्षेत्रों में लगातार दबिश दी।
लगातार तीन दिन तक चले सर्च अभियान के बाद पुलिस को मालपुरा कस्बे में सफलता मिली। पुलिस टीम के मौके पर पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी अपहृत किशोर को वहीं छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने पुष्पेन्द्र को सुरक्षित दस्तयाब कर मेडिकल जांच के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया।
जिला पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पैसों के लेन-देन से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस वारदात में दो से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका है और आरोपी पीड़ित परिवार के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अपहरण के पीछे की वास्तविक वजह और पूरी साजिश का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
