रणथंभौर गणेश मंदिर मार्ग पर बाघ की सक्रियता, श्रद्धालुओं में डर और सफारी शुल्क में 10% की बढ़ोतरी
Thursday, Apr 02, 2026-03:05 PM (IST)
सवाई माधोपुर: रणथंभौर टाइगर रिजर्व के मध्य से गुजरने वाले त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर इन दिनों टाइगर आरबीटी 2511 की सक्रियता बढ़ गई है। बुधवार को यह बाघ अटल सागर के पास मुख्य मार्ग के करीब पहुंच गया, जिससे गणेश दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं में डर का माहौल बन गया। हालांकि, वन विभाग की सतर्क टीम मौके पर पहुंची और टाइगर की निगरानी करते हुए सुरक्षा सुनिश्चित की।
डीएफओ मानस सिंह के अनुसार, त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग टाइगर 2511 और अन्य बाघों की क्षेत्रीय सीमा का हिस्सा है। यह क्षेत्र टाइगर का प्राकृतिक निवास है, और उनका मुख्य सड़क के पास आना सामान्य व्यवहार का हिस्सा है। हालांकि, बार-बार मार्ग पर आने से श्रद्धालुओं की सुरक्षा का जोखिम बना रहता है। सुरक्षा कारणों से वन विभाग ने मार्ग पर पैदल और दोपहिया वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है। केवल आरजे 25 नंबर वाले चारपहिया वाहन और निर्धारित टैक्सियों को ही अनुमति दी गई है।
वहीं, पर्यटकों के लिए भी रणथंभौर में खर्च बढ़ गया है। वन विभाग ने एक अप्रैल से पार्क भ्रमण शुल्क में 10 प्रतिशत की वृद्धि की है। भारतीय पर्यटकों के लिए कैंटर भ्रमण शुल्क 888 रुपये से बढ़कर 986.63 रुपये हो गया है, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए यह 2176.10 रुपये से 2399.63 रुपये हो गया है। जिप्सी से भ्रमण करने वाले भारतीय पर्यटक अब 1455.17 रुपये की जगह 1611.80 रुपये और विदेशी पर्यटक 2743.17 रुपये की जगह 3024.80 रुपये चुकाएंगे।
इस बढ़ोतरी के साथ ही वन विभाग ने गणेश धाम और जोगी महल वन चौकी पर वनकर्मियों को अलर्ट मोड पर रखा है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग की जा रही है। टाइगर के सक्रिय होने के बावजूद, विभाग ने चेतावनी दी है कि टेरेटरी में घूमने वाले बाघों की सामान्य गतिविधि है, और आक्रामक व्यवहार का कोई संकेत नहीं मिला है।
इससे न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि पर्यटकों के लिए सफारी अनुभव भी अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जाएगा। बढ़ी हुई शुल्क दरें वन्यजीव संरक्षण और टाइगर रिजर्व की बेहतर निगरानी में मदद करेंगी।
