Kota में स्वामी विवेकानंद की मूर्ति खंडित, विनोद जाखड़ का ABVP पर बड़ा अरोप

Sunday, Jul 12, 2026-02:30 PM (IST)

कोटा: राजस्थान में शिक्षा नगरी के नाम से मशहूर कोटा शहर में स्थित राजकीय महाविद्यालय परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा खंडित मिलने की घटना सामने आई है जिसके बाद राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच विवाद गहरा गया है। इस मामले को लेकर एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

 

विनोद जाखड़ ने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र के सबसे बड़े राजकीय महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद जैसी महान विभूति की प्रतिमा का खंडित होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं की भूमिका रही है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया है, वहीं एबीवीपी की ओर से भी इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

 

इस घटना को लेकर विनोद जाखड़ ने कहा कि जो संगठन स्वयं को राष्ट्रवादी और स्वामी विवेकानंद के विचारों का अनुयायी बताता है, यदि उससे जुड़े लोगों पर इस प्रकार के आरोप लगते हैं तो यह उनकी कथनी और करनी के बीच के अंतर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल किसी एक संगठन, दल या विचारधारा की धरोहर नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके विचार युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सेवा और चरित्र निर्माण का संदेश देते हैं।

 

जाखड़ ने कहा कि देश के महापुरुषों और महान विचारकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। किसी भी रूप में उनकी प्रतिमा या सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं। उन्होंने प्रशासन से घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। वहीं, दूसरी ओर प्रतिमा खंडित होने की घटना के बाद महाविद्यालय परिसर में छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच भी नाराजगी देखने को मिली। कई लोगों ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में एबीवीपी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

 

फिलहाल इस मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन जांच में जुटे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रतिमा खंडित होने के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।


Content Editor

Anil Jangid

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