सिरोही: रामझरोखा मंदिर भूमि विवाद में मंत्री ओटाराम देवासी पर गंभीर आरोप

Saturday, Apr 04, 2026-06:43 PM (IST)

सिरोही: राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित रामझरोखा मंदिर की भूमि पर एक नया विवाद सामने आया है, जो राज्य की राजनीति में हलचल मचा चुका है। इस बार, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने राज्य सरकार के कद्दावर मंत्री ओटाराम देवासी और उनके पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोढ़ा का कहना है कि मंदिर की भूमि का पट्टा नियमों को ताक पर रखकर और बिना किसी उचित प्रक्रिया के जारी किया गया है। उन्होंने इसे एक 'बेनामी सौदा' करार दिया है, जिसमें कागजों पर किसी और का नाम दर्ज है, लेकिन असल में इसका लाभ प्रभावशाली लोग उठा रहे हैं।

 

लोढ़ा ने आरोप लगाया कि यह भूमि सौदा जनता के साथ धोखा है, और इसमें विभागीय अधिकारियों और प्रशासन की मिलीभगत हो सकती है। उनका कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है और मंत्री ओटाराम देवासी और उनके परिवार ने इसका फायदा उठाया है। पूर्व विधायक ने वर्तमान में चल रही जांच को एक ढोंग बताया है, और कहा कि जांच में जानबूझकर देरी की जा रही है ताकि साक्ष्य नष्ट किए जा सकें।

 

इस विवाद के राजनीतिक रंग लेने के बाद, लोढ़ा ने यह साफ कर दिया है कि यदि सिरोही में न्याय नहीं मिला, तो वे इस मामले को जयपुर में उठाएंगे। उनका कहना है कि आस्था के केंद्र और मंदिर की भूमि की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने स्थानीय जनता से भी सवाल किया कि क्या वे उन लोगों के खिलाफ आवाज उठाएंगे जो राम के नाम पर राजनीति करते हैं, लेकिन अब रामझरोखा मंदिर की भूमि के लिए कुछ नहीं कर रहे।

 

इस मामले में मंत्री ओटाराम देवासी की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह विवाद सिरोही की राजनीति में एक बड़ी जंग का रूप लेता जा रहा है। मंदिर की भूमि और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच यह लड़ाई आस्था बनाम भ्रष्टाचार की जंग बन गई है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में इस विवाद का क्या हल निकलता है।


Content Editor

Anil Jangid

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