श्रीमद् भागवत कथा का समापन: अड़त चोहदस उद्यापन, हवन-पूजन और भंडारे के साथ हुई पूर्णाहुति
Friday, Sep 25, 2026-06:47 PM (IST)
झालावाड़। झालावाड़ जिले के सुनेल गांव में पिछले सात दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का गुरुवार को समापन हो गया। कथा का समापन विधि-विधान से पूर्णाहुति, अड़त चोहदस उद्यापन, हवन-पूजन और भंडारे के साथ हुआ। अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए।
कथा के समापन पर अनंत चौदस का 16 जोड़ो ने उद्यापन कर भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां दीं। उन्होंने क्षेत्र और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूर्णाहुति के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और संत-महात्माओं ने श्रद्धापूर्वक भोजन किया। बड़ी संख्या में लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
इस मौके पर बालब्रह्मचारी संत श्री श्री 108 श्री महंत इंद्रदेव दासजी ने अनंत चौदस का 16 जोड़ो को आशीर्वाद दिया। श्रद्धालुओं ने 108 श्री महंत का सम्मान किया। श्रीमद् भागवत कथा के आयोजक राजा परीक्षित और यज्ञपति ने कुलगुरु कृष्ण दत्त शास्त्री को भोजन कराया और वस्त्र भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही अन्य संत-महात्माओं को भी भोजन कराया गया।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन होकर कथा का आनंद लिया। आयोजन समिति और ग्रामीणों ने कथा के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर सभी सहयोगियों और श्रद्धालुओं का आभार जताया। पूर्णाहुति और कथा समापन के दौरान संत 108 श्री महंत के भक्ति गीतों पर महिलाओं द्वारा जमकर नृत्य किया।
