रितु बराला को न्याय दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाएगी कांग्रेस, जयपुर में धरना समाप्त
Wednesday, Oct 21, 2026-06:16 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान की बेटी रितु बराला के साथ दिल्ली पुलिस द्वारा कथित मारपीट और बर्बरता के मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर राजस्थान कांग्रेस की ओर से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट के बाहर चलाया जा रहा धरना समाप्त कर दिया गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस कमिश्नर जयपुर ने राजस्थान पुलिस को FIR दर्ज करने का क्षेत्राधिकार नहीं होने की बात लिखित में दी है। इसके विरोध में पार्टी ने कानूनी लड़ाई लड़ने और रितु बराला को न्याय दिलाने के लिए अदालत का रुख करने का निर्णय लिया है।
दो दिन तक चला कांग्रेस का धरना
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसार, प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित पार्टी के नेता पिछले दो दिनों से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में धरने पर बैठे थे। वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ता कमिश्नरेट के बाहर आंदोलन कर रहे थे। पार्टी का कहना है कि रितु बराला के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन दो दिनों तक किसी अधिकारी ने उनसे बातचीत नहीं की।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने मामले में FIR दर्ज करने के बजाय यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि शिकायत दिल्ली में दिए जाने के कारण राजस्थान पुलिस के पास प्राथमिकी दर्ज करने का कानूनी क्षेत्राधिकार नहीं है।
डोटासरा ने पुलिस पर लगाए कानून की गलत व्याख्या के आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राजस्थान की बेटी को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस नेता पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे थे, लेकिन उनकी मांग पर उचित कार्रवाई नहीं हुई।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि रितु बराला की शिकायत पर न तो दिल्ली में और न ही किसी अन्य स्थान पर FIR दर्ज हुई है। इसके बावजूद राजस्थान पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने का क्षेत्राधिकार नहीं होने की बात लिखित में दी गई है। उन्होंने इसे कानून की गलत व्याख्या बताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन भाजपा सरकार और भाजपा नेताओं के दबाव में काम कर रहा है।
न्याय के लिए अदालत जाएगी कांग्रेस
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी रितु बराला को न्याय दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। पार्टी का कहना है कि FIR दर्ज नहीं करने और कानून की कथित गलत व्याख्या के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
कांग्रेस ने इस मामले को लेकर उच्चतम न्यायालय का रुख करने का निर्णय लिया है। पार्टी का कहना है कि उसका उद्देश्य रितु बराला को न्याय दिलाना और प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार करने के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कराना है।
फिलहाल, इस मामले में कांग्रेस ने धरना समाप्त कर न्यायिक लड़ाई का रास्ता अपनाने का ऐलान किया है। पुलिस का पक्ष और अदालत में आगे होने वाली कार्रवाई इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।
