वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान की समीक्षा बैठक, जल स्रोतों पर अतिक्रमण करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
Wednesday, Jun 03, 2026-06:18 PM (IST)
टोंक: जिला परिषद सभागार में वंदे गंगा-जल संरक्षण जन अभियान के तहत मीडिया राउंड टेबल मीट का आयोजन किया गया। बैठक में स्थानीय विधायक Rajendra Gurjar, अभियान संयोजक Rajendra Saini तथा एसडीएम Hukmichand Rohalania सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के लिए अब तक किए गए कार्यों की समीक्षा करना और आगामी योजनाओं पर विचार-विमर्श करना था।
बैठक में कृषि, वन, जल संसाधन, ग्रामीण विकास सहित कुल 13 विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों द्वारा जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस दौरान जल स्रोतों के संरक्षण, मरम्मत, पुनर्जीवन और सफाई कार्यों की जानकारी साझा की गई। साथ ही जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में जल संकट, भूजल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के महत्व पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जल स्रोतों के संरक्षण के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को जल बचाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।
बैठक के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने जल स्रोतों पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण, अवैध निर्माण और बसावट के मामलों को प्रमुखता से उठाया। इस पर विधायक राजेंद्र गुर्जर ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि जल स्रोतों को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरण का मुद्दा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा विषय है।
प्रशासन ने भी स्पष्ट किया कि जल स्रोतों को बचाने के लिए जागरूकता अभियान के साथ-साथ नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि जल स्रोतों पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने, जल स्रोतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भविष्य की रणनीतियों पर भी व्यापक चर्चा की गई। यह अभियान जिले में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
