श्रीनगर-जम्मू कोडवर्ड का भंडाफोड़: राजस्थान पुलिस के ऑपरेशन जमुहार में 89 किलो अफीम जब्त

Thursday, Jun 11, 2026-02:21 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 89 किलोग्राम अवैध अफीम की खेप जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस अफीम की अनुमानित कीमत करीब 4.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। हरियाणा के सिरसा में हरियाणा पुलिस के सहयोग से अंजाम दिए गए इस अभियान को हाल के वर्षों में एएनटीएफ की सबसे बड़ी सफलताओं में गिना जा रहा है।

 

पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा के मार्गदर्शन और एएनटीएफ आईजी विकास कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन के तहत मणिपुर से राजस्थान तक फैले एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया। एएनटीएफ ने उत्तर-पूर्वी राज्यों से उत्तर भारत में पहुंच रही नशे की खेपों को रोकने के लिए विशेष रूप से मणिपुर मॉड्यूल पर तकनीकी निगरानी शुरू की थी।

 

करीब दो महीने तक चली गुप्त जांच के दौरान पुलिस टीमों को तीन बार मणिपुर भेजा गया। जांच में पाली निवासी सुखराम विश्नोई मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आया। वह लगातार अपने मोबाइल नंबर, वाहन और यात्रा मार्ग बदलता रहा, लेकिन एएनटीएफ की निगरानी से बच नहीं सका। मणिपुर में सौदा तय करने के बाद वह लखनऊ पहुंचा और वहां से अपनी महिला मित्र के साथ नैनीताल तथा कैंची धाम भी गया, जिससे जांच एजेंसियों को उसके नेटवर्क को समझने में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

 

जांच के दौरान पुलिस ने तस्करों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे श्रीनगर और जम्मू कोडवर्ड का भी खुलासा किया। दरअसल, जम्मू में बैठे मुख्य सूत्रधार ने ट्रक चालक को संदेश दिया कि रात तक श्रीनगर पहुंचना था, अब जम्मू ही रुकना पड़ेगा। पुलिस के अनुसार श्रीनगर का अर्थ जोधपुर और जम्मू का मतलब सुरक्षित ठिकाना था। इस संदेश के बाद ट्रक हरियाणा के सिरसा में रोक दिया गया।

 

प्रारंभिक जांच में ट्रक खाली दिखाई दिया, लेकिन एएनटीएफ अधिकारियों ने चेसिस की गहन जांच की। ट्रक के नीचे लोहे की प्लेटों से वेल्डिंग कर बनाया गया एक गुप्त तहखाना मिला। कटर की मदद से तहखाना खोलने पर 95 पोटलियों में पैक 88.970 किलोग्राम अफीम बरामद हुई। मौके से पाली जिले के शिवपुरा निवासी किशनाराम विश्नोई को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी सुखराम विश्नोई को भी हिरासत में लिया गया।

 

पांच राज्यों में फैले इस नेटवर्क को ध्वस्त करने वाले अभियान का नाम ऑपरेशन जमुहार रखा गया। यह नाम जम्मू, मणिपुर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के शुरुआती अक्षरों से मिलकर बना है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और आर्थिक लेन-देन की जांच में जुटी हुई है।


Content Editor

Anil Jangid

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