राजस्थान में CM भजनलाल के 10 मेगा रोड शो, BJP प्रत्याशियों के लिए मांगेंगे वोट, देखें पूरा शेड्यूल
Saturday, Sep 05, 2026-02:24 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव का सियासी घमासान तेज हो गया है। चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों के प्रचार के बीच अब बीजेपी ने अपने अभियान को और धार देने की तैयारी कर ली है। पार्टी नगर निकाय चुनाव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को प्रमुख स्टार प्रचारक के तौर पर मैदान में उतार रही है। मुख्यमंत्री प्रदेश के अलग-अलग शहरों में करीब 10 मेगा रोड शो करेंगे और बीजेपी प्रत्याशियों के समर्थन में वोट की अपील करेंगे।
बीजेपी की रणनीति में मुख्यमंत्री के रोड शो के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रियों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय किया गया है। पार्टी का फोकस सिर्फ बड़े नेताओं की सभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं से सीधा संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो का कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से तय किया गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री उदयपुर और भीलवाड़ा में चुनाव प्रचार करेंगे। इसके बाद 6 सितंबर को बीकानेर, अजमेर और जोधपुर में रोड शो प्रस्तावित हैं। 7 सितंबर को भरतपुर और अलवर, जबकि 8 सितंबर को पाली और कोटा में मुख्यमंत्री बीजेपी प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेंगे। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन 9 सितंबर को जयपुर में मुख्यमंत्री का मेगा रोड शो प्रस्तावित है।
इन रोड शो के जरिए बीजेपी का लक्ष्य शहरी मतदाताओं के बीच पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करना है। रोड शो के अलावा मुख्यमंत्री पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठकें भी करेंगे। बूथ कार्यकर्ताओं से संवाद कर चुनावी रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं, केंद्रीय चुनाव प्रभारी, सह-प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी भी अलग-अलग क्षेत्रों की निगरानी करेंगे।
बीजेपी ने कई मंत्रियों को भी अलग-अलग निकाय क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी है। इन नेताओं का काम स्थानीय संगठन के साथ समन्वय बनाना, प्रत्याशियों के प्रचार को गति देना और बूथ स्तर पर पार्टी की तैयारियों को मजबूत करना होगा। बीजेपी की कोशिश है कि मुख्यमंत्री के स्टार प्रचार और मजबूत संगठन के जरिए चुनाव में पार्टी को बढ़त दिलाई जाए।
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने नगर निकाय चुनाव में ‘लोकल कनेक्ट’ को अपना प्रमुख हथियार बनाया है। कांग्रेस का फोकस स्थानीय मुद्दों और वार्ड स्तर की समस्याओं पर है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नगर निकाय चुनाव में जनता के लिए सड़क, सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और वार्ड विकास जैसे मुद्दे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी लगातार स्थानीय मुद्दों को चुनावी अभियान के केंद्र में रखने की बात कह रहे हैं। कांग्रेस की रणनीति के तहत स्थानीय विधायक, पूर्व विधायक, वार्ड स्तर के नेता और पार्टी कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में प्रचार अभियान को आगे बढ़ाएंगे। घर-घर संपर्क और छोटे स्तर की बैठकों के जरिए मतदाताओं तक पहुंच बनाने पर जोर रहेगा।
इस तरह नगर निकाय चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस की रणनीति काफी अलग नजर आ रही है। बीजेपी जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मेगा रोड शो, बड़े नेताओं की सक्रियता और संगठन की ताकत के जरिए चुनावी माहौल बनाने में जुटी है, वहीं कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और वार्ड स्तर के मजबूत संपर्क को अपनी ताकत मानकर आगे बढ़ रही है।
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री के लगातार मेगा रोड शो और बीजेपी का हाई-वोल्टेज प्रचार अभियान शहरी मतदाताओं को कितना प्रभावित करता है और कांग्रेस का स्थानीय मुद्दों पर आधारित अभियान उसे कितनी मजबूती देता है। नगर निकाय चुनाव में दोनों प्रमुख दलों के बीच यह सीधा मुकाबला आने वाले दिनों में और दिलचस्प होने वाला है।
