राजस्थान में एक सप्ताह कमजोर रहेगा मानसून, 4 सितंबर से फिर बढ़ेगी बारिश; 205 बांध अब भी खाली
Friday, Aug 28, 2026-03:15 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान में मानसून का दौर इस बार उतार-चढ़ाव भरा रहा है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में जहां तेज बारिश देखने को मिली, वहीं कई इलाकों में मानसून कमजोर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार 29 अगस्त से राजस्थान में करीब एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना है। हालांकि सितंबर के पहले सप्ताह में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। 4 से 7 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में मध्यम से कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई है। झालावाड़ जिले के बकानी में सबसे ज्यादा 114 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। दौसा जिले में भी कई स्थानों पर भारी बारिश हुई, जिसके चलते जलभराव की स्थिति बनी।
लगातार बारिश के कारण कई सड़कों और आसपास के इलाकों में पानी भर गया। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में गर्मी का असर भी देखने को मिला। यहां अधिकतम तापमान 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 41.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
एक सप्ताह कमजोर रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 29 अगस्त से राजस्थान में करीब एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून कमजोर रह सकता है। हालांकि कुछ संभागों में स्थानीय स्तर पर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
दैनिक वर्षा पूर्वानुमान के मुताबिक 29 अगस्त को उदयपुर संभाग में बारिश की संभावना है। 30 अगस्त को भरतपुर और कोटा संभाग में बारिश हो सकती है। 31 अगस्त को भरतपुर, उदयपुर और जोधपुर संभाग में बारिश का पूर्वानुमान है।
1 सितंबर को भरतपुर और उदयपुर संभाग में बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं 2 सितंबर को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
4 सितंबर से फिर सक्रिय होगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 4 सितंबर से 7 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में सितंबर के पहले सप्ताह में प्रदेश के पूर्वी इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
205 बांध अभी भी पूरी तरह खाली
कमजोर मानसून का असर राजस्थान के बांधों पर भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश में बड़ी संख्या में बांध अभी पूरी तरह नहीं भर पाए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में कुल 693 बांध हैं। इनमें से 43 बांध लबालब होकर ओवरफ्लो हो चुके हैं, जबकि 445 बांध आंशिक रूप से भरे हुए हैं।
वहीं प्रदेश के 205 बांध अभी भी पूरी तरह खाली बताए जा रहे हैं। यह स्थिति आने वाले समय में चिंता का कारण बन सकती है, खासकर यदि मानसून की गतिविधियां अपेक्षा के अनुरूप नहीं बढ़ीं।
बीसलपुर बांध पर भी नजर
राजधानी जयपुर की पेयजल जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बीसलपुर बांध भी अभी पूरी तरह नहीं भर पाया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बांध अपने पूर्ण भराव स्तर से करीब डेढ़ मीटर नीचे है।
राजस्थान के 23 प्रमुख बांधों में इस मानसून सीजन में औसतन करीब 64 प्रतिशत पानी ही संग्रहित हो पाया है। ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश प्रदेश के जल संसाधनों के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल मौसम विभाग के अनुसार अगले एक सप्ताह तक मानसून कमजोर रहने की संभावना है, लेकिन 4 से 7 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अब सभी की नजर सितंबर के पहले सप्ताह में होने वाली बारिश पर टिकी है।
