राजस्थान में गर्मी का कहर: 43 डिग्री पार पहुंचा पारा, लू और उमस से जनजीवन बेहाल
Monday, May 18, 2026-03:16 PM (IST)
राजस्थान के कई इलाकों में भीषण गर्मी और गर्म हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। चूरू, सादुलपुर, सुजानगढ़ और सांखूफोर्ट समेत कई क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है।
सादुलपुर में प्रशासन ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। एसडीएम मनोज खेमदा ने बताया कि लगातार बढ़ते तापमान के कारण लू और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को जरूरी दवाइयों, ओआरएस, पेयजल और आपातकालीन सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मौसमी बीमारियों से जुड़े मरीजों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
चिकित्सकों के अनुसार शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। तेज सिरदर्द, चक्कर आना, अत्यधिक प्यास लगना, उल्टी, कमजोरी और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि तेज धूप में बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी, नारियल पानी व अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें।
चूरू जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर दिखाई देने लगा था। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।
वहीं सुजानगढ़ क्षेत्र में उमस भरी गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम साबित हो रहे हैं। दोपहर के समय बाजारों में लोगों की आवाजाही काफी कम नजर आई, जबकि ठंडे पेय पदार्थों, जूस और कुल्फी की दुकानों पर भीड़ देखने को मिली।
सांखूफोर्ट क्षेत्र में भी तेज गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर के समय तापमान 42 डिग्री से ऊपर पहुंचने के कारण सड़कें सूनी नजर आईं। लोग घर से निकलते समय सिर और चेहरे को कपड़े से ढककर बाहर निकल रहे हैं। वहीं पशु-पक्षी भी गर्मी से बेहाल होकर छांव और पानी की तलाश करते दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीपी-शुगर के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
