राजस्थान निकाय चुनाव: पहले दिन 967 उम्मीदवारों ने भरे पर्चे, कहीं सास-बहू तो कहीं मंत्री पुत्र की दावेदारी
Friday, Aug 28, 2026-03:20 PM (IST)
जयपुर। राजस्थान में 309 नगरीय निकायों के 10 हजार 245 वार्डों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। गुरुवार से नामांकन दाखिल करने का सिलसिला शुरू हुआ और पहले ही दिन प्रदेशभर में 967 उम्मीदवारों ने कुल 1,144 नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन को लेकर अब प्रत्याशियों के पास 29 और 31 अगस्त का मौका बचा है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 30 अगस्त को रविवार का अवकाश होने के कारण इन दोनों दिन नामांकन नहीं होंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने 31 अगस्त को नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख तय की है। नामांकन का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। राजनीतिक दलों की ओर से अभी कई सीटों पर प्रत्याशियों के नाम तय किए जा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी की अंतिम सूची जारी होने के बाद नामांकन के आखिरी दिन बड़ी संख्या में उम्मीदवार पर्चे दाखिल कर सकते हैं।
जयपुर में पहले दिन सिर्फ 13 नामांकन
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन चुनावी माहौल काफी शांत दिखाई दिया। शहर में बनाए गए 15 नामांकन केंद्रों पर पहले दिन ज्यादा भीड़ नजर नहीं आई। न तो ढोल-नगाड़े सुनाई दिए और न ही प्रत्याशियों के बड़े जुलूस दिखाई दिए।
जयपुर में पहले दिन 11 उम्मीदवारों ने कुल 13 नामांकन दाखिल किए। इनमें आठ निर्दलीय उम्मीदवार और चार कांग्रेस से जुड़े दावेदार बताए गए हैं। हालांकि राजनीतिक दलों के अधिकृत चुनाव चिन्ह अभी जारी नहीं हुए हैं। इसलिए अंतिम रूप से पार्टी प्रत्याशियों की स्थिति सिंबल आवंटन के बाद ही स्पष्ट होगी।
पहले दिन जयपुर के केवल नौ वार्डों से नामांकन प्राप्त हुए। इनमें वार्ड 12, 14, 16, 25, 31, 40, 50, 99 और 148 शामिल हैं। वार्ड 31, 50 और 99 में एक से अधिक नामांकन दाखिल हुए। यानी 141 वार्डों में पहले दिन एक भी नामांकन नहीं आया। अधिकांश संभावित प्रत्याशी राजनीतिक दलों की टिकट सूची का इंतजार करते दिखाई दिए।
भरतपुर में सास-बहू चुनावी मैदान में
नामांकन के पहले दिन कई जगहों पर दिलचस्प राजनीतिक तस्वीर देखने को मिली। भरतपुर में पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट की पत्नी विचित्रा सिंह और उनकी बहू रुद्राणी सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया। इसके अलावा पूर्व मेयर शिव सिंह भोंट ने भी दूसरे वार्ड से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरा है।
सास और बहू के एक साथ चुनाव मैदान में उतरने से भरतपुर की स्थानीय राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। अब दोनों अपने-अपने वार्ड से मतदाताओं के बीच समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगी।
उदयपुर और लालसोट में भी दावेदारी
उदयपुर में बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने भी नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी पेश की है। वहीं दौसा जिले की लालसोट नगर परिषद से थर्ड जेंडर मीनू किन्नर ने नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
मीनू किन्नर के चुनाव मैदान में उतरने के बाद स्थानीय स्तर पर इस चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। नगर निकाय चुनाव में अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
मंत्री पुत्र के नाम पर भी चर्चा
कोटा जिले में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के पुत्र दीपक दिलावर द्वारा बीजेपी टिकट के लिए आवेदन किए जाने की जानकारी सामने आई। इसको लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बयान जारी कर कहा है कि उनके दोनों पुत्र कहीं से भी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।
ऐसे में अब बीजेपी की टिकट सूची सामने आने के बाद ही इस मामले की वास्तविक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
अंतिम दो दिनों में बढ़ेगी हलचल
नामांकन प्रक्रिया के लिए अब 29 और 31 अगस्त का समय बचा है। 31 अगस्त अंतिम तारीख होने के कारण उस दिन नामांकन केंद्रों पर सबसे ज्यादा राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पार्टियों की अधिकृत सूची जारी होने के बाद बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के पर्चे दाखिल करने की संभावना है।
राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों में होने वाले चुनाव को लेकर प्रदेशभर में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ रही है। पहले दिन भले ही नामांकन की संख्या सीमित रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में चुनावी तस्वीर और ज्यादा साफ होने की उम्मीद है।
