राजस्थान बजट 2026-27: हनुमानगढ़ को सीमित राहत, देखिए क्या-क्या मिला

Wednesday, Feb 11, 2026-08:02 PM (IST)

राज्य सरकार के हालिया बजट में हनुमानगढ़ जिले को लेकर कोई बड़ी औद्योगिक या पर्यटन परियोजना सामने नहीं आई, जिससे जिले में निराशा का माहौल देखा जा रहा है। विशेष रूप से कृषि आधारित उद्योगों और पर्यटन विकास से जुड़ी अपेक्षाएं पूरी नहीं हो सकीं। हालांकि सिंचाई तंत्र में सुधार के लिए कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिससे किसानों को आंशिक राहत मिल सकती है।

शहरी विकास के मोर्चे पर भी नई बड़ी योजनाओं की घोषणा नहीं होने से शहरवासियों में असंतोष है। वहीं राजनीतिक दलों से जुड़े नेता अपने-अपने नजरिए से बजट का विश्लेषण कर रहे हैं।

आधारभूत ढांचे के लिए प्रावधान

जिले में एससी-83 रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके अलावा राजगढ़-नोहर-भादरा मार्ग पर आरओबी के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की घोषणा की गई है।

गोगामेड़ी (एलसी-57) और नोहर (एलसी-46) रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) निर्माण के लिए भी डीपीआर बनाई जाएगी।
विद्युत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए कालीबंगा में 220 केवी जीएसएस और पूरबसर में 33/11 केवी जीएसएस स्थापित किए जाएंगे।

सिंचाई व्यवस्था पर जोर

कृषि प्रधान जिले को ध्यान में रखते हुए सिंचाई परियोजनाओं के नवीनीकरण पर ध्यान दिया गया है।

भाखड़ा सिस्टम की सार्दुल ब्रांच की रिलाइनिंग के लिए 225 करोड़ रुपये।

करणी ब्रांच की रिलाइनिंग के लिए 80 करोड़ रुपये।

नोहर वितरिका के सुधार के लिए 75 करोड़ रुपये।

सिद्धमुख फीडर के जीर्णोद्धार के लिए 2 करोड़ रुपये।

इन कार्यों से जल प्रबंधन बेहतर होने और किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

अन्य घोषणाएं

संगरिया के रतनपुरा में पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोला जाएगा।
हनुमानगढ़ में मॉडल उद्यान ‘ऑक्सीजोन’ विकसित किया जाएगा और चिल्ड्रन होम के लिए भवन उपलब्ध कराया जाएगा।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

भाजपा नेताओं ने बजट को सर्वांगीण विकास की दिशा में कदम बताया है। उनका कहना है कि यह बजट प्रदेश के हर वर्ग—महिलाओं, युवाओं और किसानों—को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। युवाओं के लिए ब्याज मुक्त ऋण और बुनियादी सुविधाओं पर निवेश को सकारात्मक पहल बताया गया।

वहीं विपक्षी दलों ने बजट को निराशाजनक करार दिया है। उनका कहना है कि जिले की स्पिनिंग मिल, कृषि क्षेत्र के लिए विशेष अनुदान और संविदा कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर भी अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया |


Content Editor

Afjal Khan

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