प्रतापगढ़ बंद: गोवंश अवशेष मिलने के विरोध में बाजार बंद, शहर में तनाव, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात

Monday, Jun 15, 2026-01:41 PM (IST)

प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ शहर में सोमवार को गोवंश से जुड़े अवशेष मिलने की घटना के विरोध में व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला। धार्मिक स्थल के समीप गाय के बछड़े का सिर मिलने की घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया और विभिन्न हिंदू संगठनों के आह्वान पर शहर पूरी तरह बंद रहा। सुबह से ही प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और दुकानों के शटर बंद नजर आए, जिससे पूरे शहर में सन्नाटा पसरा रहा।

 

यह घटना 13 जून को शहर के नई आबादी क्षेत्र में सामने आई थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष फैल गया। आरोप है कि घटना के दो दिन बाद भी पुलिस द्वारा किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया। इसी के चलते रविवार को नगर परिषद परिसर में हिंदू समाज की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से प्रतापगढ़ बंद का निर्णय लिया गया।

 

सोमवार सुबह से ही विभिन्न सामाजिक और युवा संगठनों के कार्यकर्ता बाजारों में पहुंचे और व्यापारियों से बंद को सफल बनाने की अपील की। इसके बाद अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रहे। शहर के मुख्य बाजारों में दिनभर सन्नाटा छाया रहा और सड़कें अपेक्षाकृत खाली नजर आईं। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की।

 

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि धार्मिक स्थल के पास इस तरह की घटना से उनकी भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की शीघ्र जांच कर दोषियों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया कि पुलिस को पहले 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है।

 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने शहर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है। संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

 

इस बीच, प्रदर्शन के दौरान रविवार को सूरजपाल चौराहे पर गांधी मूर्ति के सामने धरना भी दिया गया था, जहां प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध दर्ज कराया था। मौके पर पुलिस उपाधीक्षक गजेंद्र सिंह राव और उपखंड अधिकारी अश्विन मालु भी पहुंचे थे और लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

 

हालांकि आश्वासन के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में नाराजगी बनी हुई है। शहरवासी अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन के लिए यह मामला कानून व्यवस्था और सामाजिक संतुलन दोनों के लिहाज से चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।


Content Editor

Anil Jangid

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