राजस्थान में पोस्ट ऑफिस ने एक ही साइन पर खोल दिए 20 खाते, घर पहुंची पासबुक तो ग्राहक के उड़े होश
Wednesday, Apr 22, 2026-05:47 PM (IST)
प्रतापगढ़: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसमें डाक विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। यहां एक पोस्टमैन पर आरोप है कि उसने एक ही ग्राहक के नाम पर 20 आरडी (रिकरिंग डिपॉजिट) खाते खोल दिए। यह मामला सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और उच्च अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।
घटना के अनुसार, पीड़ित मनोज जोशी ने 25 मार्च को केवल एक आरडी खाता खुलवाने के लिए संबंधित पोस्टमैन को दो हजार रुपये दिए थे और उनपर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन आरोप है कि पोस्टमैन ने इसी फॉर्म का उपयोग करके 26 मार्च को 100-100 रुपये की राशि के 20 अलग-अलग आरडी खाते खोल दिए। यह पूरी घटना तब सामने आई जब शुक्रवार को पोस्टमैन ने खुद 20 पासबुक लेकर मनोज जोशी के घर पहुंचाया।
20 पासबुक देख ग्राहक हुआ हैरान
जब मनोज जोशी ने 20 पासबुक देखीं, तो वह हैरान रह गए और उन्होंने पोस्टमैन से इस बारे में पूछताछ की। पोस्टमैन ने स्वीकार किया कि मार्च माह के अंत तक अपने लक्ष्य को पूरा करने के दबाव में उसने यह कदम उठाया। उसने बताया कि विभाग की ओर से उसे 101 आरडी खाते खोलने का टारगेट दिया गया था, लेकिन 23 मार्च तक केवल 81 खाते ही खुल पाए थे। इसी कारण उसने यह गलत कदम उठाया।
20 खातों का संचालन करना मुश्किल
मनोज जोशी ने इस घटनाक्रम पर आपत्ति जताई और कहा कि एक साथ 20 खातों का संचालन करना, हर महीने जमा पर्चियां भरना और रिकॉर्ड संभालना उनके लिए मुश्किल होगा। उन्होंने इसके बाद स्थानीय पोस्ट ऑफिस में जाकर पोस्टमास्टर से शिकायत की और उचित कार्रवाई की मांग की।
विभाग ने जांच के दिए निर्देश
डाक अधीक्षक जब्बार खां ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस घटना का संज्ञान लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। अगर जांच में दोषी पाए गए तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पोस्टमैन ने स्वीकार की गलती
पोस्टमैन कैलाश मीना ने इस घटना को स्वीकार करते हुए कहा, "विभाग की ओर से मुझे मार्च माह में 101 आरडी खाते खोलने का टारगेट दिया गया था। 23 मार्च तक केवल 81 खाते ही खुल पाए थे, और लक्ष्य पूरा करने के दबाव में मैंने यह गलती की।" विभाग की जांच जारी है और संबंधित मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
