बटन दबाया और कर दिया 1 लाख करोड़ विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, PM Modi के भाषण की बड़ी बातें

Saturday, Jul 04, 2026-02:44 PM (IST)

जयपुर। राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Rs. 1.06 लाख करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रदेश के विकास, ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार और बुनियादी ढांचे को लेकर केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से पचपदरा रिफाइनरी परियोजना को वर्षों तक लंबित रखा गया, जिससे इसकी लागत लगभग Rs. 37,000 करोड़ से बढ़कर करीब Rs. 80,000 करोड़ तक पहुंच गई।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार केवल परियोजनाओं की घोषणा नहीं करती, बल्कि उन्हें समय पर पूरा कर जनता को समर्पित करने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण औद्योगिक परियोजना है, जिससे हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान के युवाओं को इस उपलब्धि पर बधाई दी।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत और वीरों की भूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब देश ऊर्जा, उद्योग और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में मजबूत बनेगा। उन्होंने कहा कि मरुधरा का विकास विकसित भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रधानमंत्री ने जोधपुर में नए एयरपोर्ट टर्मिनल के उद्घाटन और उड़ान (UDAN) योजना के नए चरण की शुरुआत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे छोटे शहरों और दूर-दराज के क्षेत्रों को बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा, जिससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा जयपुर मेट्रो के विस्तार और शेखावाटी क्षेत्र की जलापूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं का भी जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने बताया कि राजस्थान में लगभग 54 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियों के नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए हैं। उन्होंने सभी चयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका योगदान राजस्थान के विकास को नई गति देगा।

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने वैश्विक ऊर्जा संकट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पूरी दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही है, लेकिन भारत ने समय रहते सही रणनीति अपनाकर स्थिति को सफलतापूर्वक संभाला। उन्होंने कहा कि भारत ने संसाधनों का संतुलित उपयोग किया, प्रभावी कूटनीति अपनाई और कई नए देशों से ईंधन आयात कर आपूर्ति सुनिश्चित की।

पीएम मोदी ने कहा कि संकट के दौरान कुछ लोगों ने अफवाहें फैलाने, लोगों को डराने और राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास किया, लेकिन देशवासियों ने उन प्रयासों को सफल नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति सामान्य बनी रही और आम जनता को बड़ी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि अप्रैल से जून के बीच सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को पेट्रोल और डीजल पर Rs. 75 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बोझ को कम करने के लिए प्रति लीटर Rs. 10 की एक्साइज ड्यूटी घटाई ताकि आम लोगों पर महंगाई का अतिरिक्त दबाव न पड़े।

भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में जनता ने धैर्य, विश्वास और जिम्मेदारी का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि राष्ट्रहित और नागरिकों का हित सर्वोपरि है तथा इसी संकल्प के साथ देश विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


Content Editor

Anil Jangid

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