प्रतापगढ़ में बहुउद्देशीय पीपलखूंट हाई लेवल कैनाल परियोजना अंतिम चरण में, 2353 गांवों को लाभ

Thursday, May 21, 2026-03:15 PM (IST)

प्रतापगढ़: प्रतापगढ़ में 1565 करोड़ रुपए लागत की बहुउद्देशीय पीपलखूंट अपर हाई लेवल कैनाल (पीएचएलसी) परियोजना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस अनूठी परियोजना में जमीन अधिग्रहण किए बिना भूतल से 3-4 मीटर गहराई में बिछाई गई बड़ी पाइपलाइन के जरिए पानी का प्रवाह होगा और ऊपर किसान अपनी खेती जारी रख सकेंगे। योजना का करीब 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और आगामी तीन महीनों में इसे पूर्ण करने का लक्ष्य है।

 

सितंबर 2023 में वर्क ऑर्डर के बाद 3 अक्टूबर से दो चरणों में कार्य शुरू हुआ था। परियोजना के तहत माही नदी से 0.7 टीएमसी पानी सिंचाई के लिए पीपलखूंट और 3.72 टीएमसी पानी जाखम तक पीने के लिए पहुंचाया जाएगा। इससे प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ के 2353 गांवों को लाभ मिलेगा। फव्वारा पद्धति से 5,127 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

 

इस 80 किमी लंबी कैनाल में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है और पानी को तीन प्रमुख पंप हाउस से लिफ्ट किया जाएगा। पीपलखूंट के खरखूंटी गांव से पानी जोलर और हरमारा के पास जाखम डेम तक पहुंचेगा। जाखम डेम के पास पंपिंग स्टेशन से पानी पीएचईडी फिल्टर प्लांट तक जाएगा, जिससे प्रतापगढ़ शहर और आसपास के 554 गांवों के साथ-साथ उदयपुर, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ के 1,899 गांवों को पेयजल मिलेगा।

 

समांतर चल रहे दूसरे चरण में अधिशेष पानी 37 किमी की दूरी तय कर नॉन कमांड पीपलखूंट क्षेत्र में 5,127 हेक्टेयर जमीन को सिंचित करेगा। सात जगह डिग्गियां और रसात पंपिंग स्टेशन बनाए गए हैं। प्रत्येक डेढ़ हेक्टेयर में नाके स्थापित कर फव्वारा पद्धति से जल वितरण किया जाएगा।

 

साथ ही पीपलखुटिया लिफ्ट परियोजना भी चल रही है, जिसकी लागत 47 करोड़ रुपए है। इससे मोरवानिया, तलैयापाड़ा और पीपलखूंट के 400 हेक्टेयर वंचित क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। परियोजना का 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और अगले दो महीनों में इसे पूर्ण करने का लक्ष्य है।

 

यह परियोजना किसानों के लिए खेती को आसान बनाएगी और तीन जिलों के लाखों लोगों को सिंचाई व पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराएगी।


Content Editor

Anil Jangid

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