अब जोधपुर में मचा हड़कंप! 8 प्रसूता महिलाओं की तबीयत बिगड़ी
Monday, Jun 22, 2026-10:52 AM (IST)
जोधपुर। राजस्थान में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर जिले के पावटा अस्पताल से भी ऐसा मामला सामने आया है। यहां 20 जून को सिजेरियन ऑपरेशन से प्रसव कराने वाली 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई, जिससे अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. फतेह सिंह ने बताया कि ऑपरेशन के बाद आठ प्रसूताओं में से दो की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें तत्काल एमडीएम अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। इनमें एक मरीज को उच्च रक्तचाप तथा दूसरी को ऑपरेशन के दौरान अधिक रक्तस्राव की समस्या हुई थी। दोनों मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और वरिष्ठ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही चिकित्सकों, माइक्रोबायोलॉजिस्ट और विशेषज्ञों की टीम ने सभी मरीजों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेज दिए हैं। वहीं औषधि निरीक्षकों ने भी उपयोग में ली गई दवाइयों और अन्य सामग्री के नमूने लिए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
डॉ. फतेह सिंह ने कहा कि वर्तमान मौसम में बैक्टीरिया की वृद्धि की संभावना को भी जांच के दायरे में रखा गया है, लेकिन किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिकित्सक और अस्पताल प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं चाहते और सभी निर्धारित मानकों एवं प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है।
एहतियात के तौर पर अस्पताल का ऑपरेशन थियेटर (ओटी) फिलहाल बंद कर दिया गया है। जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक सिजेरियन ऑपरेशन के मामलों को आसपास के अस्पतालों में भेजा जा रहा है।
वहीं पावटा अस्पताल के पीएमओ डॉ. कुलवीर सिंह चोपड़ा ने बताया कि 20 जून को कुल आठ सिजेरियन ऑपरेशन हुए थे। शाम को दो प्रसूताओं की तबीयत खराब होने पर उन्हें एमडीएम अस्पताल रेफर किया गया। बाकी छह प्रसूताओं को उच्च स्तर की एंटीबायोटिक दवाएं दी गईं और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।
पीएमओ के अनुसार अस्पताल में भर्ती छहों प्रसूताओं की हालत फिलहाल स्थिर है। उनके सभी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतक सामान्य हैं और हर दो घंटे में उनकी निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि उपयोग में ली गई दवाइयों और चिकित्सा सामग्री के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का कारण संक्रमण, दवा संबंधी समस्या या कोई अन्य चिकित्सकीय कारण था। फिलहाल सभी मरीजों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
