पांचना बांध पर 2 दशक का गतिरोध टूटा, नहरों में दौड़ा पानी; लिफ्ट परियोजनाओं का भी शिलान्यास
Monday, Jul 06, 2026-05:10 PM (IST)
करौली: राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध को लेकर पिछले लगभग दो दशकों से चल रहा जल विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है। सोमवार को वह ऐतिहासिक क्षण सामने आया, जब कमांड क्षेत्र की नहरों में नहरी तंत्र की टेस्टिंग के लिए पानी छोड़ा गया। इस कदम के साथ ही क्षेत्र के हजारों किसानों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
इसके साथ ही बांध के आसपास के 39 गांवों को लाभ पहुंचाने वाली दो नवीन लिफ्ट परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया। साथ ही गुड़ला लिफ्ट परियोजना की पीडीएन सिस्टम रिमॉडलिंग की भी आधारशिला रखी गई। इन सभी परियोजनाओं पर लगभग 61 लाख रुपये की लागत आएगी, जिससे क्षेत्र के सिंचाई ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान बांध के तीन गेट खोलकर गिंभीरी नदी में भी जल प्रवाह शुरू किया गया, जिससे जल प्रबंधन व्यवस्था को नई दिशा मिली है। शिलान्यास कार्यक्रम से पहले विधिवत पूजा-अर्चना भी की गई, जो देवनारायण मंदिर परिसर, पहाड़ी गांव में आयोजित हुआ।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और जिला प्रभारी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने संयुक्त रूप से कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री रावत ने कहा कि भजनलाल सरकार जो कहती है, उसे पूरा करके दिखाती है और जनता के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से लंबित इस जल विवाद का समाधान सरकार की संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है।
करीब 20 साल बाद बांध से पानी छोड़े जाने पर ग्रामीणों में उत्साह और राहत दोनों देखने को मिली। किसानों ने उम्मीद जताई कि अब सिंचाई व्यवस्था बेहतर होगी और कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल, संभागीय आयुक्त नलिनी कठौतिया, आईजी कैलाश बिश्नोई, जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल, करौली विधायक दर्शन सिंह गुर्जर और मुख्य अभियंता भुवन भास्कर सहित बड़ी संख्या में अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को बनी सहमति के बाद जल संसाधन विभाग लगातार तैयारियों में जुटा हुआ था। हाल ही में जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं संचालन व्यवस्था को अंतिम रूप दिया था। अब इन परियोजनाओं के शुरू होने से करौली जिले के सिंचाई तंत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
