बांसवाड़ा में नंगी तलवार लेकर लोगों को डराने वाला गिरफ्तार, बारां में बिजली-पानी को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन
Friday, Jun 05, 2026-07:08 PM (IST)
बांसवाड़ा: बांसवाड़ा शहर के पीपलवा औद्योगिक क्षेत्र में नंगी तलवार लेकर लोगों को डराने वाले एक व्यक्ति को कोतवाली थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी प्रभु पुत्र कानजी माईड़ा (50), निवासी पीपलवा के कब्जे से एक धारदार तलवार भी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, 3 जून को सूचना मिली कि पीपलवा औद्योगिक क्षेत्र में एक व्यक्ति खुलेआम तलवार लेकर घूम रहा है और लोगों को धमका रहा है। सूचना मिलते ही SI नरेंद्र सिंह, कांस्टेबल भवानी सिंह और कांस्टेबल प्रफुल सिंह की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ लिया। तलवार जब्त कर आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें।
बारां: जिले में बिजली, पानी और सड़क जैसी समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व विधायक प्रमोद जैन भाया और पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने किया। जिले भर से आए कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और आमजन एवं किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान मांगने वाला ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा।
ज्ञापन में बिजली व्यवस्था सुधारने, पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने, जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने और किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने चेताया कि यदि प्रशासन ने समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन करेगी, जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल भी की जाएगी।
प्रदर्शन के बाद हुई सभा में छबड़ा के पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ ने मौजूदा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी पर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कहा कि जिले की जनता परेशान है, हमारे छबड़ा में विधायक का गनमैन तस्कर और पूर्व ड्राइवर चोर निकला, ऐसे में अंदाजा लगाइए विधायक क्या होंगे। राठौड़ ने हंसते हुए कहा कि विधायक सिंघवी का भी डीएनए टेस्ट होना चाहिए और इसके लिए धरना दूंगा। उनके भाषण के दौरान अन्य कांग्रेस नेताओं ने ठहाके लगाए।
बांसवाड़ा और बारां की ये घटनाएं कानून व्यवस्था और स्थानीय प्रशासन पर उठ रहे सवालों को उजागर करती हैं, वहीं आमजन की सुरक्षा और सुविधाओं की आवश्यकता पर ध्यान केंद्रित करने की मांग को भी सामने लाती हैं।
