झालावाड़ में नाबालिग बालिकाओं की खरीद-फरोख्त का बड़ा खुलासा, पुलिस ने छह आरोपियों को किया गिरफ्तार
Sunday, Jun 07, 2026-05:42 PM (IST)
झालावाड़: राजस्थान के कई जिलों में लंबे समय से गरीब परिवारों की बालिकाओं की खरीद-फरोख्त का भयंकर खेल चल रहा है। झालावाड़, बूंदी, सवाई माधोपुर, टोंक और भीलवाड़ा जिलों में पिछले वर्षों में इस तरह की शिकायतें सामने आई थीं। स्थानीय पुलिस ने पहले भी फौरी कार्रवाई कर मामले की इतिश्री की थी। वर्ष 2022 में भीलवाड़ा में इस तरह की शिकायत पर राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने दौरा किया था।
हाल ही में झालावाड़ पुलिस ने मानव तस्करी में शामिल एक गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि दलाल गरीब परिवारों की लड़कियों पर छोटी उम्र से नजर रखते हैं। गिरोह 1 से 8 साल की नाबालिग लड़कियों को नाच-गाने के बहाने खरीदता है और कई शहरों में बेच देता है।
सूत्रों के अनुसार, लड़कियों की खरीद-फरोख्त के लिए स्टाम्पपेपर पर इकरारनामा तैयार किए जाते हैं। इसमें पिता की आर्थिक मजबूरी का हवाला देकर लड़कियों को सौदों में बेचा जाता है। उदाहरण के तौर पर, एक लड़की का एक साल के लिए 3.40 लाख और आठ साल के लिए 27.20 लाख रुपए में सौदा हुआ। इस इकरारनामे में पहली किस्त के रूप में 13.20 लाख रुपए देने का उल्लेख था।
इकरारनामों में कई डराने वाली शर्तें भी रखी गई हैं। यदि लड़की भागती है तो परिजनों से पूरा खर्च वसूलना, और यदि लड़की आत्महत्या कर ले तो खरीदार से कोई राशि नहीं मांगना शामिल है।
पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि दलाल लड़कियों को पहले कुछ साल अपने पास रखते हैं और प्रशिक्षित करते हैं। इसके बाद उन्हें मुंबई और अन्य महानगरों में बड़े गिरोह को देह व्यापार के लिए बेचा जाता है।
इस मामले ने शिक्षा और महिला संगठन के साथ-साथ प्रशासन में भी चिंता पैदा कर दी है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और ऐसे गिरोहों की जांच तेज कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नाबालिगों के लिए सुरक्षा और जागरूकता अभियान अत्यंत जरूरी हैं ताकि इस तरह की मानव तस्करी को रोकने में मदद मिल सके।
