चंद्रग्रहण के साए में फीकी पड़ी होली, राजस्थान के परंपरागत मेले में नहीं उमड़ी भीड़

Wednesday, Mar 04, 2026-01:29 PM (IST)

आबूरोड (सिरोही)। होलिका दहन और धुलंडी के बीच मंगलवार को खग्रास चंद्रग्रहण के कारण शहर के केसरगंज क्षेत्र में करीब 100 साल पुराना परंपरागत होली मेला इस बार फीका पड़ा। लोग ग्रहण की वजह से होली नहीं खेल पाए और मंदिरों के पट भी बंद रहे। बाजार में दुकानों का संचालन जारी रहा, लेकिन आसपास के गांवों में भी धुलंडी का उत्सव नहीं मनाया गया।

 

हर साल होलिका दहन के अगले दिन धुलंडी पर शहरवासी रंगों और गुलाल के साथ होली खेलते हैं और शाम को परंपरागत मेले में बड़ी संख्या में आते हैं। इस बार खग्रास चंद्रग्रहण के चलते धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कमी रही। मंदिरों में आयोजित सुबह के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी ग्रहण के कारण प्रभावित हुआ।

 

मंगलवार को बच्चों ने कहीं-कहीं गुलाल और पिचकारी से रंगों का आनंद लिया, लेकिन शहर में उत्साह सामान्य से कम नजर आया। लोगों ने ज्योतिष शास्त्रियों की सलाह का पालन करते हुए ग्रहण के समय होली खेलने से बचा।

 

होलिका दहन सोमवार शाम शुभ मुहूर्त में आयोजित किया गया। अग्रवाल विष्णु धर्मशाला, सुभाष मार्केट, कुम्हार मोहल्ला, मानपुर, गांधीनगर, नयाखेड़ा, आबकारी, सदर बाजार, लुनियापुरा और अन्य क्षेत्रों में लोग घर-घर जाकर होलिका पूजन और दहन में शामिल हुए। इस अवसर पर लोग एक-दूसरे से गले मिलकर शुभकामनाएं देते दिखाई दिए। बच्चे बड़ों के चरण छूकर आशीर्वाद भी लेते रहे।

 

हालांकि ग्रहण के कारण मुख्य मेले और होली उत्सव का वास्तविक आनंद फिलहाल टल गया है। बुधवार को शहर और आसपास के गांवों में लोग रंगोत्सव और मेले का आनंद लेने की योजना बना रहे हैं। प्रशासन और समाजिक आयोजकों ने लोगों को सुरक्षित और पारंपरिक तरीके से होली खेलने की जानकारी दी है।

 

इस बार की होली यह दिखाती है कि धार्मिक आस्था और खगोलीय घटनाओं का सांस्कृतिक उत्सवों पर असर भी पड़ता है, लेकिन रंगों और उमंग का माहौल बुधवार को फिर लौटने की उम्मीद है।


Content Editor

Anil Jangid

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