अपमान बर्दाश्त नहीं, कांग्रेस को चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा, अपनी ही पार्टी पर क्यों भड़के विश्वेंद्र सिंह?
Monday, Aug 24, 2026-02:52 PM (IST)
डीग। राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। डीग जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी निकाय चुनावों के वार्ड प्रभारियों की सूची को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता विश्वेंद्र सिंह ने अपनी ही पार्टी के जिला नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है।
विवाद की मुख्य वजह वार्ड प्रभारियों की सूची में विश्वेंद्र सिंह का नाम शामिल नहीं किया जाना है। सूची में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, क्षेत्रीय सांसद संजना जाटव, जिला प्रभारी देशराज मीणा और सह-प्रभारी हिम्मत सिंह समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम दर्ज हैं। वहीं विश्वेंद्र सिंह के नाम की जगह केवल ‘कांग्रेस प्रत्याशी विधानसभा डीग-कुम्हेर’ लिखा गया है।
इसे लेकर विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की और डीग जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने सूची को लेकर कहा कि इसमें उनका नाम नहीं लिखकर जिस तरह से उन्हें संबोधित किया गया, वह पार्टी के भीतर ओछी मानसिकता का परिचायक है।
अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता
विश्वेंद्र सिंह ने अपने राजनीतिक अनुभव और पदों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में एक बार जिला प्रमुख, तीन बार सांसद, तीन बार विधायक और दो बार कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई है। ऐसे में सूची में उनका नाम इस तरह से नहीं लिखा जाना उन्हें स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने अपने बयान में इस घटनाक्रम को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि वह इस तरह का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। उनके बयान से साफ है कि मामला महज नाम लिखने या नहीं लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे वह पार्टी के भीतर अपने राजनीतिक सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं।
कांग्रेस को चुनाव में भुगतना पड़ेगा खामियाजा
पूर्व मंत्री ने जिला नेतृत्व को चेतावनी देते हुए कहा कि जिस तरह की मानसिकता का परिचय दिया गया है, उसका असर आगामी निकाय चुनावों में कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में जो लोग शामिल हैं, उन्हें जनता जवाब देने के लिए तैयार है।
विश्वेंद्र सिंह के इस बयान के बाद डीग कांग्रेस में अंदरूनी विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले वरिष्ठ नेता की सार्वजनिक नाराजगी पार्टी के लिए राजनीतिक चुनौती बन सकती है।
पहले भी जिला संगठन पर साध चुके हैं निशाना
विश्वेंद्र सिंह इससे पहले भी डीग जिला कांग्रेस संगठन की कार्यशैली को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने स्थानीय संगठन की निष्क्रियता और राहुल गांधी से जुड़े कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर भी जिला नेतृत्व की आलोचना की थी।
डीग-कुम्हेर क्षेत्र में कांग्रेस के भीतर चल रही इस खींचतान का सीधा असर आगामी नगर निकाय चुनावों की तैयारियों पर पड़ सकता है। पार्टी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय संगठन के बीच पैदा हुए मतभेदों को समय रहते दूर करने की है।
राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भरतपुर-डीग अंचल में यदि यह विवाद आगे बढ़ता है, तो टिकट वितरण और चुनाव प्रचार के दौरान भी इसका असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व की भूमिका अहम हो गई है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व विश्वेंद्र सिंह की नाराजगी को किस तरह शांत करता है और निकाय चुनाव से पहले संगठन में एकजुटता कैसे कायम रखता है।
