ड्रोन, ड्रग्स और डेजर्ट: भारत-पाक सीमा पर नशे के खिलाफ हाईटेक निगरानी से बदला सुरक्षा का पूरा समीकरण

Friday, Jun 26, 2026-01:36 PM (IST)

जैसलमेर: राजस्थान का जैसलमेर जिला, जो पाकिस्तान से सटी 1070 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का अहम हिस्सा है, अब नशे के खिलाफ चल रही लड़ाई का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती सिर्फ तस्करों को रोकने की नहीं, बल्कि लगातार बदलते तकनीकी तरीकों से हो रही तस्करी को भी मात देने की है। पारंपरिक रास्तों की जगह अब ड्रोन, जीपीएस-आधारित ट्रैकिंग और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल बढ़ गया है।

 

सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य एजेंसियों के लिए यह लड़ाई अब तकनीक, खुफिया जानकारी और समन्वय का संयुक्त मोर्चा बन चुकी है। मार्च 2025 में लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 के दौरान पंजाब सीमा पर 294 ड्रोन जब्त किए गए। इसके जवाब में एंटी-ड्रोन सिस्टम की तैनाती, निगरानी चौकियों का विस्तार और स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया साझेदारी को मजबूत किया गया है।

 

2025 में भी यह चुनौती कम नहीं हुई है। आंकड़ों के मुताबिक पंजाब सीमा पर 272 ड्रोन पकड़े गए, जबकि बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद हुए। इनमें 367.8 किलोग्राम हेरोइन और 19 किलोग्राम आईसीई ड्रग शामिल हैं, जो सीमा पार से होने वाली तस्करी के गंभीर स्तर को दर्शाते हैं।

 

यह केवल एक क्षेत्रीय समस्या नहीं है, बल्कि एक वैश्विक संकट का हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) की विश्व ड्रग रिपोर्ट 2025 के अनुसार, वर्ष 2023 में दुनिया भर में लगभग 31.6 करोड़ लोग किसी न किसी प्रकार के अवैध नशीले पदार्थों का सेवन कर चुके थे। इनमें बड़ी संख्या कैनाबिस और ओपिऑयड उपयोगकर्ताओं की थी, जो इस समस्या के व्यापक फैलाव को दर्शाता है।

 

राजस्थान और पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्यों में ड्रोन आधारित तस्करी ने सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति पूरी तरह बदल दी है। अब निगरानी केवल जमीन तक सीमित नहीं रही, बल्कि आसमान और डिजिटल नेटवर्क तक विस्तारित हो चुकी है। सीमा सुरक्षा बल, वायुसेना और राज्य पुलिस के बीच बढ़ा हुआ समन्वय इस लड़ाई को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में एआई आधारित निगरानी और स्वचालित पहचान प्रणाली सीमा सुरक्षा में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।


Content Editor

Anil Jangid

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