पाली में जर्जर मकान का भारी छज्जा गिरा, ग्रामीणों ने प्रशासन पर खोला मोर्चा
Monday, Mar 30, 2026-05:10 PM (IST)
पाली: पाली जिले के देसूरी उपखंड के नारलाई गांव में सोमवार को एक भयावह घटना ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। स्थानीय जर्जर मकान का भारी-भरकम छज्जा अचानक जोरदार धमाके के साथ गिर पड़ा। इस हादसे में किसी के हताहत न होने की खुशी रही, क्योंकि छज्जे के नीचे उस समय कोई व्यक्ति या राहगीर मौजूद नहीं था। हालांकि तीन मोटरसाइकिलें मलबे की चपेट में आने से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह मकान कई समय से जर्जर अवस्था में था और इसके गिरने की आशंका कई बार जताई जा चुकी थी। उन्होंने प्रशासन और ग्राम पंचायत को मौखिक रूप से कई बार आगाह किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नारलाई और आसपास के पुराने गांवों में ऐसे कई मकान हैं जो खंडहर में बदल चुके हैं और सार्वजनिक रास्तों पर राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं।
विशेष रूप से गर्मी और मानसून के पूर्व बदलते मौसम ने पुराने निर्माणों की कमजोरियां उजागर कर दी हैं। तेज हवाओं और बारिश के कारण कमजोर छज्जे और दीवारें किसी भी समय गिर सकती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जर्जर मकानों की मरम्मत या उन्हें हटाने का काम नहीं किया गया, तो आने वाले मानसून में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
हादसे के बाद नारलाई के आक्रोशित ग्रामीणों ने उपखंड प्रशासन से मांग की है कि पूरे गांव का विशेष सर्वे करवाया जाए। उनका कहना है कि सार्वजनिक रास्तों पर स्थित सभी खतरनाक मकानों की पहचान की जाए और उनके मालिकों को मरम्मत के निर्देश दिए जाएं या सुरक्षा की दृष्टि से मकान हटवाए जाएं।
स्थानीय लोगों का मानना है कि प्रशासन की छोटी-सी लापरवाही किसी निर्दोष की जान भी ले सकती है। उन्होंने चेताया कि नारलाई जैसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है।
वहीं प्रशासन ने फिलहाल घटनास्थल का निरीक्षण किया है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे और सुरक्षित निर्माण सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। ग्रामीणों की उम्मीद है कि यह चेतावनी भविष्य में किसी और अनहोनी से बचाव का जरिया बनेगी और लोगों का जीवन सुरक्षित रहेगा।
