हनुमानगढ़ में सहकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन: मांगें नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी

Monday, Mar 30, 2026-04:15 PM (IST)

राजस्थान के हनुमानगढ़ में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। सोमवार को कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।

प्रदर्शन के दौरान राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।

कैडर और नियोजन व्यवस्था पर स्पष्टता की मांग

समिति का कहना है कि लंबे समय से कैडर अथॉरिटी और नियोजन प्रणाली स्पष्ट नहीं होने के कारण कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इससे उनके अधिकारों और कार्यप्रणाली पर भी असर पड़ रहा है। इस मुद्दे पर जल्द निर्णय लेने की मांग की गई है।

भर्ती और रोजगार के मुद्दे भी उठाए

कर्मचारियों ने केंद्रीय सहकारी बैंकों में ऋण पर्यवेक्षक के पदों पर 100 प्रतिशत भर्ती की मांग रखी। उनका मानना है कि इससे कार्य व्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

नियमितीकरण का मामला भी प्रमुख

वर्ष 2017 से पहले नियुक्त कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। कर्मचारियों का कहना है कि प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कई जिलों में अब तक इसे पूरा नहीं किया गया है।

भर्ती में देरी पर नाराजगी

बैंकिंग सहायक के 20 प्रतिशत कोटे की भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होने पर भी कर्मचारियों ने असंतोष जताया। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती लंबित रहने से युवाओं के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।

सरकार को दी चेतावनी

कर्मचारियों ने सरकार से सभी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही साफ किया कि यदि समय रहते सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी।

इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया।


Content Editor

Ishika Jain

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