रात 2 बजे हनुमान बेनीवाल की ग्रैंड एंट्री, समर्थकों का उमड़ पड़ा हुजूम, जानें आखिर क्या था माजरा?
Wednesday, Apr 22, 2026-06:20 PM (IST)
सीकर: राजस्थान की राजनीति में अगर किसी नेता का 'क्रेज' समय और सीमा का मोहताज नहीं है, तो वह हैं रालोपा (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को सीकर जिले के भारणी गांव में कुछ ऐसा हुआ, जिसने वीवीआईपी शादियों के तमाम प्रोटोकॉल को पीछे छोड़ दिया। यह घटना मुख्यमंत्री से लेकर कई अन्य राजनीतिक दिग्गजों की उपस्थिति में हुई, जो इस शादी में शिरकत करने पहुंचे थे।
रात 2 बजे गूंजे 'जय वीर तेजाजी' के नारे
मंत्री झाबर सिंह खर्रा की सुपुत्री अर्चना के विवाह समारोह में जब रात 2 बजे हनुमान बेनीवाल का काफिला पहुंचा, तो माहौल पूरी तरह बदल गया। सीकर से श्रीमाधोपुर तक सैंकड़ों स्थानों पर स्वागत-सत्कार की वजह से बेनीवाल को देर से शादी स्थल तक पहुंचने में वक्त लगा, लेकिन उनके समर्थकों का उत्साह कम नहीं हुआ। जब हनुमान बेनीवाल पहुंचे, तो उनके समर्थकों ने 'जय वीर तेजाजी' के नारे लगाए और बेनीवाल की एंट्री ने पूरी तरह से समारोह का माहौल बदल दिया।
वायरल हुआ वीडियो: युवाओं में जोश, बेनीवाल का जनाधार साबित
बेनीवाल की एंट्री का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही वे पहुंचे, उनके समर्थकों का जोश आसमान छू रहा था, जिससे यह साफ था कि हनुमान बेनीवाल का जनाधार बहुत मजबूत है। युवा और उनके समर्थक इस मौके को ऐतिहासिक मानते हुए बेनीवाल के साथ सेल्फी लेने और उनके साथ खड़े होने के लिए उत्साहित थे।
सत्ता और विपक्ष का अनूठा संगम
यह विवाह समारोह राजस्थान की सियासत के कई बड़े चेहरों का मिलन स्थल बना। हनुमान बेनीवाल ने नवविवाहित जोड़े अर्चना और अनुज (भाजपा विधायक कुलदीप धनखड़ के पुत्र) को आशीर्वाद दिया और मंत्री झाबर सिंह खर्रा के परिवार को बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी भांकरी गांव में तिलक समारोह में पहुंचे थे, और यह दृश्य सत्ता और विपक्ष के नेताओं के अनूठे संगम का प्रतीक था। एक ही पांडाल में सत्ता पक्ष और विपक्ष के दिग्गजों का एक साथ होना राजस्थान की राजनीति की स्वस्थ परंपरा का प्रतीक माना गया।
मंत्री झाबर सिंह खर्रा की सादगी भी चर्चा का विषय
मंत्री झाबर सिंह खर्रा की सादगी ने भी चर्चा का विषय बन गई। शादी में व्यस्तता के कारण जिन शुभचिंतकों को व्यक्तिगत निमंत्रण नहीं मिल पाया, उनके लिए मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक भावुक 'सार्वजनिक आमंत्रण' जारी किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था, "यदि औपचारिक निमंत्रण आप तक न पहुंच पाया हो, तो कृपया इस संदेश को ही मेरा व्यक्तिगत निमंत्रण स्वीकार करें।" इस व्यवहार की भी हर तरफ सराहना हो रही है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज
हनुमान बेनीवाल का देर रात मंत्री झाबर सिंह खर्रा के घर पहुंचना और वहां उनका अभूतपूर्व स्वागत, राजनीतिक विश्लेषकों के लिए शोध का विषय बन गया है। भले ही बेनीवाल सरकार की नीतियों के विरोधी रहे हों, लेकिन व्यक्तिगत रिश्तों के निर्वहन में उनकी सक्रियता उन्हें अन्य नेताओं से अलग खड़ा करती है।
सियासी हलकों में अब इस मुलाकात और हनुमान बेनीवाल की राजनीतिक स्थिति पर चर्चाएं हो रही हैं, क्योंकि यह दिखाता है कि राजनैतिक दलों के बीच व्यक्तिगत संबंधों का भी अपना महत्व होता है, जो भविष्य में किसी भी सियासी समीकरण को बदल सकता है।
